ए कानुड़ा मारा कटोडे गमईयो हारी रेण राजस्थानी भजन
ए कानुड़ा मारा, कटोडे गमईयो हारी रेण। दोहा - महिमा गावु श्याम री, ओ धरू मन में ध्यान, कृपा राखो...
Read moreDetailsए कानुड़ा मारा, कटोडे गमईयो हारी रेण। दोहा - महिमा गावु श्याम री, ओ धरू मन में ध्यान, कृपा राखो...
Read moreDetailsझाकोडा नगरी में थोरो बेसनो हो राज, अरे आवे आवे बालक ने नर नार, अरे झाकोड़ा नगरी में बनीयो देवरो...
Read moreDetailsसंगत बिना नर कदी न सुधरे, अरे ताली नी बाजे एकन हाथे ओ, साधु भई हरिजन वे ज्यारे साथे ए...
Read moreDetailsसांवरिया सेठ दे दे, मङंफिया रा मालिक दे दे, थारे भरियोछे भंडार, टोटो ना पड़े रे।। कटे तो जायो ने,...
Read moreDetailsपांच तीरथ घर माही रे संतो, दोहा - माता तीर्थ पिता तीर्थ, और तीर्थ ज्येष्ठ बंधवा, वचने वचने गुरू तीर्थ,...
Read moreDetailsजटे दुनिया तो दर्शन करवा, आवे मारा अवतारी, आवे मारा कलयुगी, थोरी लीला ओ बाबा थे जानो।। अरे जूनी खराडी...
Read moreDetailsगाड़ी रे म्हारी सीधी रूणिचा जाई, जामे बैठ चलो मेरा भाई। दोहा - मास भादवा मायने, जठे आवे भीड़ अपार,...
Read moreDetailsमीरा विष का प्याला पीगी जी, रामनाम की बैठ जहाज में, पार उतर गई रे, मीरा जहर का प्याला पीगी...
Read moreDetailsगाँव रे रणुजा रे माय, भईडा गाँव रे रणुजा रे माय, अजमलजी केवीजे, मोटा पाटवी रे ए जे हा, ए...
Read moreDetailsदाता मारा आवो आवो, उलारीया नाडा रे धाम, ओ मारा पुरण किजो काम, अरे भगत मनावे वेगा आवजो।। दाता मारा...
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