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आरती संग्रह

Aarti Sangrah

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी शनिदेव आरती लिरिक्स

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जय जय श्री शनिदेव, भक्तन हितकारी, सूरज के पुत्र प्रभु, छाया महतारी, जय जय श्रीं शनिदेव।। श्याम अंग वक्र दृष्टि, चतुर्भुजा धारी, नीलाम्बर धार नाथ, गज की असवारी, जय जय श्रीं शनिदेव।। क्रीट मुकुट...

आरती करो बृजनारी ले कंचन थारी लिरिक्स

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आरती करो बृजनारी, ले कंचन थारी, आरती करो बृज नारी।। भावना भक्ति की ज्योति, अनमोल प्रेम के मोती, रसबुंदन सो भरी झारी, अति सुकुमारी, आरती करो बृज नारी।। घनश्याम नंद के लाला, पहिरे...

शीश गंग अर्धंग पार्वती सदा विराजत कैलासी स्तुति लिरिक्स

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शीश गंग अर्धंग पार्वती, सदा विराजत कैलासी, नंदी भृंगी नृत्य करत है, धरत ध्यान सुर सुखरासी।। शीतल मन्द सुगन्ध पवन, बह बैठे हैं शिव अविनाशी, करत गान-गन्धर्व सप्त स्वर, राग रागिनी...

आरती पवन दुलारे की भक्त भय तारणहारे की लिरिक्स

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आरती पवन दुलारे की, भक्त भय तारणहारे की।। तर्ज - आरती कुञ्ज बिहारी की। दोऊ कर चरण शीश नाऊँ, दास प्रभु तुम्हरो कहलाऊँ, जो आज्ञा तुम्हरी मैं पाऊँ, प्रेम से...

ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगं लिंगाष्टकम स्त्रोतम लिरिक्स

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ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगं, निर्मलभासित शोभित लिंगम्, जन्मज दुःख विनाशक लिंगं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्।।१।। देवमुनि प्रवरार्चित लिंगं, कामदहन करुणाकर लिंगम्, रावण दर्प विनाशन लिंगं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्।।२।। सर्व सुगंध सुलेपित लिंगं, बुद्धि विवर्धन कारण...

आरती दीनदयाल साहेब आरती हो कबीर साहेब आरती लिरिक्स

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आरती दीनदयाल, साहेब आरती हो, आरती गरीब नवाज, साहेब आरती हो।। ज्ञान आधार विवेक की बाती, सुरति जोत जहाँ जात, साहेब आरती हो, आरती दीन दयाल, साहेब आरती हो।। आरती करूँ सतगुरु साहेब...

ॐ जय शिव जय महाकाल आरती लिरिक्स

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ॐ जय शिव जय महाकाल, स्वामी जय शम्भू महाकाल, ज्योतिर्लिंग स्वरूपा, ज्योतिर्लिंग स्वरूपा, तुम कालो के काल, ओम जय शिव जय महाकाल।। तर्ज - ॐ जय शिव ओमकारा। बारह ज्योतिर्लिंग में, महिमा...

आरती श्री हरि घट घट वासी श्री सच्चिदानंद सुखराशि लिरिक्स

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आरती श्री हरि घट घट वासी, श्री सच्चिदानंद सुखराशि।। पुरुषोत्तम नारायण स्वामी, करुणानिधि प्रभु अंतरयामी, कमलापति श्री विष्णु नमामि, मंगलमय बैकुंठ निवासी।।१।। आरती श्री हर घट घट वासी, श्री सच्चिदानंद सुखराशि।। आरती...

आरती सुन्दरकाण्ड की कीजे आरती लिरिक्स

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आरती सुन्दरकाण्ड की कीजे, श्री पंचम सौपान की कीजे, आरती सुंदरकाण्ड की कीजे।। सरल श्लोक दोहा चौपाई, गावत सुनत लगत सुखदाई, निश्चय अरु विश्वास से कीजे, आरती सुंदरकाण्ड की कीजे।। सुरसा...

ओम जय जय जय गिरिराज आरती लिरिक्स

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ओम जय जय जय गिरिराज, स्वामी जय जय गिरिराज, संकट में तुम राखो, संकट में तुम राखो, निज भक्तन की लाज, ॐ जय जय जय गिरिराज।। इंद्रादिक सब सुर मिल, तुम्हरो...

फ़िल्मी तर्ज भजन

कृष्ण भजन लिरिक्स

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