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आरती संग्रह

Aarti Sangrah

ॐ जय लव कुश देवा आरती लिरिक्स

ॐ जय लव कुश देवा आरती लिरिक्स

ॐ जय लव कुश देवा,ॐ जय लव कुश देवा,आरती भगत उतारें,संत करें सेवा।।तर्ज - ॐ जय जगदीश हरे।श्रावण मास की पूनम,लव कुश जनम लिये,सकल देव हर्षाये,ऋषि मुनि धन्य किये।।वाल्मीकि जी के मढ़ में,बचपन बीत...
ॐ जय जय गौमाता आरती लिरिक्स

ॐ जय जय गौमाता आरती लिरिक्स

ॐ जय जय गौमाता,मैया जय जय गौमाता,जो कोई तुमको ध्याता,त्रिभुवन सुख पाता।।मैया जय।।सुख समृद्धि प्रदायनी,गौ की कृपा मिले,जो करे गौ की सेवा,पल में विपत्ति टले।।मैया जय।।आयु ओज विकासिनी,जन जन की माई,शत्रु मित्र सुत जाने,सब...
बाला हम सब उतारे तेरी आरती लिरिक्स

बाला हम सब उतारे तेरी आरती लिरिक्स

तेरी जय हो हनुमान निराले,बालाजी घाटे वाले,तेरे ही गुण गाएं भारती,बाला हम सब उतारे तेरी आरती,बाला हम सब उतारें तेरी आरती।।तर्ज - अम्बे तू है जगदम्बे काली।तेरे भक्त जनों पे बाला,विपदा पड़ी है भारी,अंजनीपुत्र...
सुखी बसे संसार सब दुखिया रहे ना कोय लिरिक्स

सुखी बसे संसार सब दुखिया रहे ना कोय लिरिक्स

सुखी बसे संसार सब,दुखिया रहे ना कोय,यह अभिलाषा हम सब की,भगवन पूरी होय,विद्या बुद्धि तेज बल,सबके भीतर होय,दूध पूत धन धान्य से,वंचित रहे न कोय।।आपके भक्ति प्रेम से,मन होवे भरपूर,राग द्वेष से चित्त मेरा,कोसो...
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी शनिदेव आरती लिरिक्स

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी शनिदेव आरती लिरिक्स

जय जय श्री शनिदेव,भक्तन हितकारी,सूरज के पुत्र प्रभु,छाया महतारी,जय जय श्रीं शनिदेव।।श्याम अंग वक्र दृष्टि,चतुर्भुजा धारी,नीलाम्बर धार नाथ,गज की असवारी,जय जय श्रीं शनिदेव।।क्रीट मुकुट शीश रजित,दिपत है लिलारी,मुक्तन की माल गले,शोभित बलिहारी,जय जय श्रीं...
आरती करो बृजनारी ले कंचन थारी लिरिक्स

आरती करो बृजनारी ले कंचन थारी लिरिक्स

आरती करो बृजनारी,ले कंचन थारी,आरती करो बृज नारी।।भावना भक्ति की ज्योति,अनमोल प्रेम के मोती,रसबुंदन सो भरी झारी,अति सुकुमारी,आरती करो बृज नारी।।घनश्याम नंद के लाला,पहिरे पट पीत रसाला,संग सोहे वृषभानु दुलारी,श्री राधिका प्यारी,आरती करो बृज...
शीश गंग अर्धंग पार्वती सदा विराजत कैलासी स्तुति लिरिक्स

शीश गंग अर्धंग पार्वती सदा विराजत कैलासी स्तुति लिरिक्स

शीश गंग अर्धंग पार्वती,सदा विराजत कैलासी,नंदी भृंगी नृत्य करत है,धरत ध्यान सुर सुखरासी।।शीतल मन्द सुगन्ध पवन,बह बैठे हैं शिव अविनाशी,करत गान-गन्धर्व सप्त स्वर,राग रागिनी मधुरासी।।यक्ष-रक्ष-भैरव जहँ डोलत,बोलत हैं वनके वासी,कोयल शब्द सुनावत सुन्दर,भ्रमर करत...
आरती पवन दुलारे की भक्त भय तारणहारे की लिरिक्स

आरती पवन दुलारे की भक्त भय तारणहारे की लिरिक्स

आरती पवन दुलारे की,भक्त भय तारणहारे की।।तर्ज - आरती कुञ्ज बिहारी की।दोऊ कर चरण शीश नाऊँ,दास प्रभु तुम्हरो कहलाऊँ,जो आज्ञा तुम्हरी मैं पाऊँ,प्रेम से राम चरित गाऊँ,पार मेरा बेड़ा कर दीजो,शीश चरणों में रख...
ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगं लिंगाष्टकम स्त्रोतम लिरिक्स

ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगं लिंगाष्टकम स्त्रोतम लिरिक्स

ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगं,निर्मलभासित शोभित लिंगम्,जन्मज दुःख विनाशक लिंगं,तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्।।१।।देवमुनि प्रवरार्चित लिंगं,कामदहन करुणाकर लिंगम्,रावण दर्प विनाशन लिंगं,तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्।।२।।सर्व सुगंध सुलेपित लिंगं,बुद्धि विवर्धन कारण लिंगम्,सिद्ध सुरासुर वंदित लिंगं,तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगम्।।३।।कनक महामणि भूषित लिंगं,फणिपति वेष्टित...
आरती दीनदयाल साहेब आरती हो कबीर साहेब आरती लिरिक्स

आरती दीनदयाल साहेब आरती हो कबीर साहेब आरती लिरिक्स

आरती दीनदयाल,साहेब आरती हो,आरती गरीब नवाज,साहेब आरती हो।।ज्ञान आधार विवेक की बाती,सुरति जोत जहाँ जात,साहेब आरती हो,आरती दीन दयाल,साहेब आरती हो।।आरती करूँ सतगुरु साहेब की,जहां सब सन्त समाज,साहेब आरती हो,आरती दीन दयाल,साहेब आरती हो।।दर्श...
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