श्री एकदन्त भगवान की है आरती
श्री एकदन्त भगवान की है आरती, पापियों को पाप से है तारती।। तर्ज - श्री भागवत भगवान की है आरती।...
Read moreDetailsश्री एकदन्त भगवान की है आरती, पापियों को पाप से है तारती।। तर्ज - श्री भागवत भगवान की है आरती।...
Read moreDetailsनिर्वाण षट्कम स्तोत्रम, मनो बुद्ध्यहंकारचित्तानि नाहम् न च श्रोत्र जिह्वे न च घ्राण नेत्रे न च व्योम भूमिर् न तेजॊ...
Read moreDetailsजय महावीर स्वामी, प्रभु जय महावीर स्वामी, वीर प्रभु कहलाये तुम जग में नामी, प्रभु जय महावीर स्वामी।। जन्म लिया...
Read moreDetailsसब आरती करो, रस प्रेम भरी।। ब्रह्मा की करूं, विष्णु की करूं, लक्ष्मी की करूं रस प्रेम भरी, सब आरती...
Read moreDetailsद्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम्, सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चंद्रकलावतंसम्। भक्तप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये।।1।। श्रीशैलशृंगे विविधप्रसंगे शेषाद्रिशृंगेऽपि सदा वसंतम्। तमर्जुनं मल्लिकपूर्वमेनं...
Read moreDetailsश्री रामलला की मंगलमय है आरती, प्राणियों के जीवन को संवारती।। तर्ज - श्री भागवत भगवान की है। भक्तों के...
Read moreDetailsॐ जय गुरु बालकनाथ, बाबा जय श्री बालकनाथ, आरती उतारे मिलकर, भाव भक्ति के साथ, ॐ जय गुरु बालकनाथ।। तर्ज...
Read moreDetailsजय माँ भगवती भवानी, जय जग्दम्बे राज रानी, तेरी आरती गाऊं, तेरी आरती गाऊं।। ऊंचे मंदिरों वाली माता, सच्चिया ज्योतां...
Read moreDetailsजय आद्या शक्ति, माँ जय आद्या शक्ति, अखंड ब्रह्माण्ड दीपाव्यां, पडवे पंडित माँ, ॐ जयो जयो माँ जगदम्बे।। द्वितीय बेउ...
Read moreDetailsश्रितकमलाकुचमण्डल धृतकुण्डल ए, कलितललितवनमाल जय जय देव हरे।। दिनमणिमण्डलमण्डन भवखण्डन ए, मुनिजनमानसहंस जय जय देव हरे।। कालियविषधरगंजन जनरंजन ए, यदुकुलनलिनदिनेश...
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