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आरती संग्रह

Aarti Sangrah

आरती अवध बिहारी की दयामयी जनकदुलारी की लिरिक्स

आरती अवध बिहारी की, दयामयी जनकदुलारी की।। सिंहासन सोहे युगल सरकार, परस्पर हँसी हेरत हर बार, मधुर कछु बोल लेत मन मोल, ललित छवि प्रीतम प्यारी की, दयामयी जनकदुलारी की, आरतीं...

ॐ जय डिग्गी वाले नाथ हरे देवा अंजनी के लाल हरे

ॐ जय डिग्गी वाले नाथ हरे, देवा अंजनी के लाल हरे, पीलीबंगा धाम विराजत, अनुपम रूप धरे, ॐ जय डिग्गी वालें नाथ हरे।। दक्षिण मूरत आपकी, भक्तो के कष्ट हरे, तन...

जय बजरंगबली स्वामी जय बजरंगबली आरती लिरिक्स

जय बजरंगबली, स्वामी जय बजरंगबली, जब ली शरण तुम्हारी, जब ली शरण तुम्हारी, तब सब विपत हरे, ॐ जय बजरंगबली।। राम काज के कारण, पार कियो सिंधु, अपने भक्त जनों के, तुम ही...

अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली लिरिक्स

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली, तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब, उतारे तेरी आरती।। तेरे जगत के भक्त जनन पर, भीड़ पड़ी है...

आशुतोष शशाँक शेखर शिव स्तुति लिरिक्स

आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा, कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा।। निर्विकार ओमकार अविनाशी, तुम्ही देवाधि देव , जगत सर्जक प्रलय करता, शिवम सत्यम सुंदरा।। निरंकार स्वरूप कालेश्वर, महा योगीश्वरा , दयानिधि...

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र

सिद्ध कुंजिका स्तोत्र, ।शिव उवाच। शृणु देवि प्रवक्ष्यामि, कुञ्जिकास्तोत्रमुत्तमम्। येन मन्त्रप्रभावेण चण्डीजापः शुभो भवेत॥१॥ न कवचं नार्गलास्तोत्रं कीलकं न रहस्यकम्। न सूक्तं नापि ध्यानं च न न्यासो न च...

मन तेरा मंदिर आँखे दिया बाती आरती लिरिक्स

मन तेरा मंदिर आँखे दिया बाती, होंठो की हैं थालियां बोल फूल पाती, रोम रोम जिव्हा तेरा नाम पुकारती, आरती ओ मैया आरती, ज्योतावालिये माँ तेरी आरती।। हे महालक्ष...

मैं तो आरती उतारूँ रे श्री राधा रसिक बिहारी की लिरिक्स

मैं तो आरती उतारूँ रे, श्री राधा रसिक बिहारी की, मेरे प्यारे निकुंज बिहारी की, प्यारे प्यारे श्री बाँके बिहारी की, मैं तो आरती उतारूं रे, श्री राधा रसिक...

जय जय पितर जी महाराज आरती लिरिक्स

जय जय पितर जी महाराज, मैं शरण पड़यों हूँ थारी, शरण पड़यो हूँ थारी देवा, रखियो लाज हमारी, जय जय पितृ जी महाराज, मैं शरण पड़यों हूँ थारी।। आप ही...

जय भगवद् गीते भागवत गीता आरती लिरिक्स

जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते, हरि हिय कमल विहारिणि, सुन्दर सुपुनीते, जय भगवत गीते।। कर्म-सुमर्म-प्रकाशिनि, कामासक्तिहरा, तत्त्वज्ञान-विकाशिनि, विद्या ब्रह्म परा, जय भगवत गीते।। निश्चल-भक्ति-विधायिनि, निर्मल मलहारी, शरण-सहस्य-प्रदायिनि, सब विधि सुखकारी, जय भगवत गीते।। राग-द्वेष-विदारिणि, कारिणि मोद सदा, भव-भय-हारिणि तारिणि, परमानन्दप्रदा, जय भगवत...

कृष्ण भजन लिरिक्स

फ़िल्मी तर्ज भजन

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