भवानी अष्टकम् लिरिक्स
भवानी अष्टकम्, न तातो न माता न बंधुर्न दाता, न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता, न जाया न...
Read moreDetailsभवानी अष्टकम्, न तातो न माता न बंधुर्न दाता, न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता, न जाया न...
Read moreDetailsजयशंभुनाथ दिगंबरम, करुणाकरं जगदीश्वरम्, भवतारणम भयहारणम, करुणाकरं जगदीश्वरम्।। मृगछाल अंग शुशोभितम्, करमाल दंड बिराजितं, यमकाल पास बिमोचकम्, करुणाकरं जगदीश्वरम्।। गलरुण्डमाल...
Read moreDetailsश्री जम्भ चालीसा, दोहा - वंदो श्री जम्भ देव को, अलख अजोनी ईश, पारब्रह्म परमात्मा, पूर्ण विश्वा बीस। शब्द भेद...
Read moreDetailsगौरी गौरांगी मैया, शिव की अर्धांगी मैया। श्लोक - सर्व स्वरूपे सर्वेशे, सर्वशक्ति समन्वितेः, भयेभ्यस्त्राही नौ देवी, दुर्गे देवी नमोस्तुते।।...
Read moreDetailsजय राम रमा रमनं समनं, भव ताप भयाकुल पाहि जनम, अवधेस सुरेस रमेस बिभो, सरनागत मागत पाहि प्रभो। राजा राम...
Read moreDetailsन मत्रं नो यन्त्रं तदपि च न जाने स्तुतिमहो, न चाह्वानं ध्यानं तदपि च न जाने स्तुतिकथाः। न जाने मुद्रास्ते...
Read moreDetailsश्री पितरजी चालीसा, दोहा - सबसे पहले पूजे जाते, जग में दोनों देव, एक तो श्री गणपति प्रभु, दूजे पितर...
Read moreDetailsभये प्रगट गोपाला दीनदयाला, यशोमति के हितकारी, हर्षित महतारी रूप निहारी, मोहन मदन मुरारी।।१।। कंसासुर जाना अति भय माना, पुतना...
Read moreDetailsआरती असुर निकंदन की, पवनसुत केसरी नंदन की।। धुन - आरती कुंज बिहारी की। ज्ञान के सागर है हनुमंत, पड़े...
Read moreDetailsसंकट मोचन हनुमान अष्टक लिरिक्स, बाल समय रवि भक्ष लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों। ताहि सों त्रास भयो जग...
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