आरती संग्रह

Aarti Sangrah Lyrics

जयशंभुनाथ दिगंबरम करुणाकरं जगदीश्वरम

जयशंभुनाथ दिगंबरम, करुणाकरं जगदीश्वरम्, भवतारणम भयहारणम, करुणाकरं जगदीश्वरम्।। मृगछाल अंग शुशोभितम्, करमाल दंड बिराजितं, यमकाल पास बिमोचकम्, करुणाकरं जगदीश्वरम्।। गलरुण्डमाल...

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गौरी गौरांगी मैया शिव की अर्धांगी मैया

गौरी गौरांगी मैया, शिव की अर्धांगी मैया। श्लोक - सर्व स्वरूपे सर्वेशे, सर्वशक्ति समन्वितेः, भयेभ्यस्त्राही नौ देवी, दुर्गे देवी नमोस्तुते।।...

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भये प्रगट गोपाला दीनदयाला यशोमति के हितकारी

भये प्रगट गोपाला दीनदयाला, यशोमति के हितकारी, हर्षित महतारी रूप निहारी, मोहन मदन मुरारी।।१।। कंसासुर जाना अति भय माना, पुतना...

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माँ उत्तरवाहिनी क्षिप्रा आरती लिरिक्स

मै आरती तेरी गाऊं, माँ उत्तरवाहिनी क्षिप्रा, उत्तरवाहिनी क्षिप्रा, माँ मोक्षदायिनी क्षिप्रा।। तर्ज - मैं आरती तेरी गाँउ ओ केशव।...

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