धीरज कांत भजन

Dhiraj Kant Bhajan Lyrics

नमस्ते नाथ अविनाशी तुम्हे मस्तक नवाते है लिरिक्स

नमस्ते नाथ अविनाशी, तुम्हे मस्तक नवाते है, तुम्हारे ध्यान चिंतन में, सभी आनंद पाते है, नमस्तें नाथ अविनाशी, तुम्हे मस्तक...

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