दरबार में पड़ा हूँ कब लोगे सुध हमारी
दरबार में पड़ा हूँ, कब लोगे सुध हमारी। दोहा - अगर कलयुग में, बाबा श्याम का, अवतार ना होता, तो...
Read moreDetailsदरबार में पड़ा हूँ, कब लोगे सुध हमारी। दोहा - अगर कलयुग में, बाबा श्याम का, अवतार ना होता, तो...
Read moreDetailsहरि जी मैंने तुम संग प्रीत लगाई, दोहा - जो आप ठुकराओगे तो प्यारे, हम और कहाँ फिर जाएंगे, छान...
Read moreDetailsहमें श्याम सुंदर, भरोसा तुम्हारा, दे दो सहारा, ना कोई हमारा।bd। तर्ज - तुम्ही मेरे मंदिर। विष प्याला ले कर...
Read moreDetailsअब सुध मोरी लीजिये, बरसाने वारी, तोरे चरण पे बलि बलि जाये, तोरे चरण पे बलि बलि जाये, अब सुध...
Read moreDetailsतेरी माया अगम अपार, दर खोल सवाली द्वार खड़े।bd। सब जग को खेल खिलाती हो, पल में भव पार लगाती...
Read moreDetailsजगदम्बा थे तो, आकर ओढ़ो ऐ, हे म्हारी मात भवानी, आकर ओढ़ो ऐ, थारा सेवक ल्याया, तारा री चुनड़ी, थारा...
Read moreDetailsभक्ति का भंडार, सीताराम का पुजारी है, यह शिव शंकर अवतारी है।। तर्ज - एक तेरा साथ। ज्ञान का सागर,...
Read moreDetailsचरणों में तेरे बाबा, होवे मेरा ठिकाना, जब तक जियूँ जहां में, सेवा में मन लगाना, चरणो में तेरे बाबा,...
Read moreDetailsश्यामधणी सु लगन लगाले, चिंता फिकर सारी छोड़ दे, बिगड़ी बनावे अपना भगत की, बिगड़ी बनावे अपना भगत की, श्याम...
Read moreDetailsउड़े इत्र अवीर गुलाल, सतरंगी फागुण आयो रे, सतरंगी फागण आयो रे, सतरंगी फागण आयो रे, होरी खेले लखदातार, सतरंगी...
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