जब ज़िद पे आ गई पार्वती लिरिक्स
जब ज़िद पे आ गई पार्वती, पार्वती, पार्वती, समझाने पहुँचे सप्तऋषि, सप्तऋषि, सप्तऋषि, काय ज़िद कर रही, काय खो मर ...
Read moreDetailsजब ज़िद पे आ गई पार्वती, पार्वती, पार्वती, समझाने पहुँचे सप्तऋषि, सप्तऋषि, सप्तऋषि, काय ज़िद कर रही, काय खो मर ...
Read moreDetailsमैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई।। काहे की या नाव बनाई, काहे की पतवार, रामा काहे ...
Read moreDetailsबंदीगृह में जनम लियो है, देवकी को लाला, मोहन मुरली वाला, देवकी को लाला, मोहन मुरलीं वाला।। तर्ज - करके ...
Read moreDetailsकान्हा का जन्मदिन आयो है, आज बिरज में धूम मची, सखियन ने शोर मचायो है, गली-गली गोकुल की सजी।। लेत ...
Read moreDetailsबाबा तेरी किरपा की है, आज हमें दरकार, पल भर की देरी में कुछ भी, बचेगा ना सरकार, पल भर ...
Read moreDetailsआजा आकर साँवरे, पतवार चला दे, आजा आकर सांवरे, पतवार चला दे डूब रही है नैया मेरी, डूब रही है ...
Read moreDetailsतूफानों ने जब जब घेरा, पार करी मेरी कश्ती है, इतनी किरपा मुझ पे तेरी, जिसको दुनिया तरसती है।। तर्ज ...
Read moreDetailsआयो आयो म्हारो मदन गोपाल, आयो गोकुल में, गोकुल में कान्हा गोकुल में, आयो आयो मेरो मदन गोपाल, आयो गोकुल ...
Read moreDetailsनहीं टूटे दूध के दन्त, दोहा - ससुर ने झगड़ा मोल लिया, छल करके वन में खैल किया, हर लाये ...
Read moreDetailsआया पर्व पर्युषण है आया, छाया घर घर में आनंद छाया।। तर्ज - बिन पानी के नाव। आया पर्वो का ...
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