प्रथम पेज राजस्थानी भजन भगती योग ने ग्यान वैरागा भजन लिरिक्स

भगती योग ने ग्यान वैरागा भजन लिरिक्स

भगती योग ने ग्यान वैरागा,
अरे सिलवार नीर मोई रे मन रे,
एडा सतगुरु जोई ए हा।।



अरे पर उपकारी सदा इतकारी,

निसरीया जग रे मोई ए हा,,
दे उपदेश दया कर दाता,
अरे दे उपदेश दया कर दाता,
जन्म मरण मुख दोई रे मन रे,
एडा सतगुरु जोई ए हा।।



ए दे अभिमान थे करो अर्पण,

रजु मात्रणा होई ए हा,
अरे समदृष्टी सराखो देखे,
समदृष्टी सराखो देखे,
ए क्या फिकर क्या होई रे मन रे,
एडा सतगुरु जोई ए हा।।



ए परनिन्दीया स्तुति दोनो,

अमे हरक सोकना होई ए हा,
दिनदयाल दयारो सागर,
अरे दिनदयाल दयारो सागर,
अरे जुपारो धोई रे मन रे,
भक्ति योग ने ग्यान वैरागा,
अरे सिलवार नीर मोई रे मन रे,
एडा सतगुरु जोई ए हा।।



ए केवे कबीर संतों कोई मिलना,

अरे लागे जग रे माई ए हा,
पारस भवर सदन सतसंगत,
पारस भवर सदन सतसंगत,
अरे एडा करले मोई रे मन रे,
भगती योग ने ग्यान वैरागा,
अरे सिलवार नीर मोई रे मन रे,
एडा सतगुरु जोई ए हा।।



भक्ति योग ने ग्यान वैरागा,

अरे सिलवार नीर मोई रे मन रे,
एडा सतगुरु जोई ए हा।।

स्वर – शंकर टाक जी,
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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