अवगुण छोड़ो भाई गुण ने पकड़ो भजन लिरिक्स
अवगुण छोड़ो भाई, गुण ने पकड़ो। दोहा - तीनलोक नवखंड में, म्हारा सतगुरु राली डोर, जिन पर हंसा ना चडे,...
Read moreDetailsअवगुण छोड़ो भाई, गुण ने पकड़ो। दोहा - तीनलोक नवखंड में, म्हारा सतगुरु राली डोर, जिन पर हंसा ना चडे,...
Read moreDetailsरामदेवजी रो ब्याव मंड्यो रूनीचे, हे रामदेवजी रो ब्याव मंड्यो रूनीचे, सोने रे पाट बैठाय बाबो, तेल चढ्यो रूनीचे, हे...
Read moreDetailsगुरु बिन मिलियो ना ज्ञान, दोहा - सुर बिन मिले नहीं सुरस्ती, और गुरु बिन मिले नहीं ज्ञान, अन बिन...
Read moreDetailsरूणझुण रूणझुण घुघरू बाजे, पिछम धरा रे माय, रूनीचे रे मारगे, रूनीचे रे मारगे ओ, लीलो घोडो आवे रे, पीरजी...
Read moreDetailsभलो वेला भगवत ने भजीया, भलो वेला मालिक ने सुमरीया, सोय भजो नर नारी राम रो, राखेनी भरोसो मेरा भाई।।...
Read moreDetailsबन्नो मारो चारभुजा रो नाथ, बन्नी मारी तुलसा लाडली।। विनायक रिद्धि सिद्धि संग लाया जी, विनायक रिद्धि सिद्धि संग लाया,...
Read moreDetailsबिगड़ी कौन सुधारे नाथ बिना, बिगड़ी कौन सुधारे जी। दोहा - सूता सूता क्या करे, सूता ने आवे नींद, जम...
Read moreDetailsए बेटा थारी माँ समझावे रे, मिनक पनो एल घमावे रे। दोहा - मात पिता परमात्मा, पति सेवा गुरू ग्यान,...
Read moreDetailsसतगुरू मिल्या संशय टलिया, हुआ जगत से न्यारा। दोहा - नमस्कार गुरू देव ने, नमस्कार सब संत, नमस्कार परब्रम्ह ने,...
Read moreDetailsबीरा रे मत दीजो मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी।। ओ भई रे एक पिता रे पुत्र चार,...
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