हेलो मारो साम्भलो ने रूनीचे रा राज भजन लिरिक्स

हेलो मारो साम्भलो ने रूनीचे रा राज भजन लिरिक्स

हेलो मारो साम्भलो ने,
रूनीचे रा राज।

हे जी रे रामा सामा आवजो,
कलजुग बहे रे करूर,
अरज करू अजमाल रा,
ए जी साम्भलजो नी हुजुर।

हेलो मारो साम्भलो ने,
रूनीचे रा राज,
अरे हेलो म्हारो साम्भलो ने,
रूनीचे रा राज,
हुकम होवे तो धनीया,
आय लागू पाव,
मारो हेलो साम्भलो हो हो जी जी,
रे मारो हेलो साम्भलो हो हो जी।।



हे जी रे लीलो घोडो नवलखो,

ज्यारी मोत्या जडी रे लगाम,
पिछम धरा रे मारगा,
हे रामो राज कंवार।

अरे देसुरी रो बाणीयो ने,
यात्रा ने जाय,
अरे देसुरी रो बाणीयो ने,
यात्रा ने जाय,
सामी मिलीयो चोरटो ने,
झूठी सोगन खाय,
मारो हेलो साम्भलो हो हो जी जी,
रे मारो हेलो साम्भलो हो हो जी,
अरे गेरी गेरी झाडीया ने,
मीठा बोले मोर,
तीनो तो ही यात्री ने,
चौथो मिलगो चोर,
मारो हेलो साम्भलो हो हो जी जी,
रे मारो हेलो साम्भलो हो हो जी।।



हे जी रे हालो हरजी देव रे,

मिलसी रामापीर,
दुखीया रा दुखड़ा मिटे,
हे साजा करे रे शरीर।

अरे डिगी डिगी झाडीया मे,
मीरगा बोले मोर,
अरे डिगी डिगी झाडीया मे,
मीरगा बोले मोर,
मार दियो बाणीया ने,
धन लेग्यो चोर,
मारो हेलो साम्भलो हो हो जी जी,
रे मारो हेलो साम्भलो हो हो जी,
ओ ऊबी ऊबी अबला,
करे है पुकार,
ओ ऊबी ऊबी अबला,
करे रे पुकार,
कटीने गयो रे मारो,
द्वारका रो नाथ ओ जी हो हो।।



हे जी रे रूणझुण बाजे घुगरा,

घोडलीये रा बाजे पोड,
भगता री सुनजो विनती,
ए आवे है रणछोड़।

अरे लीलो लीलो घोडलो ने,
हाथा लिनो तीर,
अरे लीलो लीलो घोडलो ने,
हाथा लिनो तीर,
सेठानी री वेल चढीया,
राम सा पीर,
मारो हेलो साम्भलो हो हो जी जी,
रे मारो हेलो साम्भलो हो हो जी,
अरे ऊबो रेजा चोरटा,
कटे भागो जाय,
सेठानी रो माल तू तो,
कितरा दिन खाय,
मारो हेलो साम्भलो हो हो जी जी,
रे मारो हेलो साम्भलो हो हो जी।।



हे जी रे साचा मनसु सेविये,

आवे है जगदीश,
दुष्ट संगारे भगत उबारे,
ए देवे भगत ने धीर।

अरे आगे आगे चोरटो ने,
लारे रामापीर,
अरे आगे आगे चोरटो ने,
लारे रामापीर,
हाथ रे हुजुर ऊबा,
सुगना रा बीर,
मारो हेलो साम्भलो हो हो जी जी,
रे मारो हेलो साम्भलो हो हो जी।।



फोड दिनी आखीया ने,

चाढ दिनो कोड,
दुनिया जाने रे ओतो,
रामसा रो चोर,
मारो हेलो साम्भलो हो हो जी।।

हे जी रे द्वारका सु आप पधारीया,
विष्णु रा अवतार,
धोरा धरती धाम बनायो,
ए भगत करे है बखान।

अरे उठेनी तू सेठानी,
धड सु माथो जोड,
अरे उठेनी तू सेठानी,
धड सु माथो जोड,
उठावे नी सेठजी ने,
आलस मरोड,
मारो हेलो साम्भलो हो हो जी जी,
रे मारो हेलो साम्भलो हो हो जी।
अरे उठीया है सेठजी,
आलस मरोड,
चरना मे जाय पडीया,
दोनो हाथ जोड़,
मारो हेलो साम्भलो हो हो जी जी,
रे मारो हेलो साम्भलो हो हो जी।।



हे जी रे तंवर वंश रा राजवी,

धोरा धरती माय,
भगता री सुन विनती,
ए प्रकटे है पल माय।

अरे गावे दल्लो बाणीयो,
भली राखी टेक,
अरे गावे दल्लो बाणीयो,
भली राखी टेक,
गाँव रूनीचा मे लेलीनो फेर,
मारो हेलो साम्भलो हो हो जी जी,
रे मारो हेलो साम्भलो हो हो जी।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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