कोरोना मत कर तू बदमाशी देसी भजन लिरिक्स

कोरोना मत कर तू बदमाशी,
भारत माही डाव नहीं लागे,
देऊ गळे रे फाँसी,
थने देख देख आवे हासी कोरोना,
मत कर थू बदमाशी।।



करतब देख कोरोना थारा,

डरे न भारतवासी,
चाइना थारी चालाकी ने,
देख देख आवे हासी,
कोरोना मत कर थू बदमाशी।।



भारत हैं शूरों री धरती,

अजर अमर अविनाशी,
रामचंद्र जी अठे जनमिया,
क़ानूड़ो मथुरा काशी,
कोरोना मत कर थू बदमाशी।।



जगत गुरु महारो देश कहावे,

मोदी जी बड़भागी,
भारत हैं सोने री चिड़िया,
ज्यूँ लागे स्वर्ग वासी,
कोरोना मत कर थू बदमाशी।।



धर्म ध्यान थे करता रेजो,

हरी करे सो होसी,
गौमाता री सेवा करजो,
बाजोला निर्दोषी,
कोरोना मत कर थू बदमाशी।।



चीन छोड़ भारत में गुसग्यो,

अबके बारी थारी,
पूरा देश ने घायल किदो,
देय मुंडे रे पाटी,
कोरोना मत कर थू बदमाशी।।



भजन सुणावै गणेश देवरिया,

लादु जिंगपुरा वासी,
नटराज स्टूडियो रे माही,
बातां केवे साँची,
कोरोना मत कर थू बदमाशी।।



कोरोना मत कर तू बदमाशी,

भारत माही डाव नहीं लागे,
देऊ गळे रे फाँसी,
थने देख देख आवे हासी कोरोना,
मत कर थू बदमाशी।।

गायक – गणेश लौहार व लादू जिंगपुरा।
प्रेषक – रामेश्वर लाल पँवार।
आकाशवाणी सिंगर।
9785126052


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