पांच नाग पकड़ कर लाया प्रकट खेल रचाया लिरिक्स
पांच नाग पकड़ कर लाया, प्रकट खेल रचाया, हेली जोगी जग में आया।। सत री संगत महापुरुष की लाया, खीलन...
Read moreDetailsपांच नाग पकड़ कर लाया, प्रकट खेल रचाया, हेली जोगी जग में आया।। सत री संगत महापुरुष की लाया, खीलन...
Read moreDetailsभूल आई म्हारा कान्हा, जमुना किनारे म्हारी ओढ़नी, ओढ़नी जी ओढ़नी जी, ओढ़नी जी कान्हा ओढ़नी, भूल्याई मारा कान्हा, जमुना...
Read moreDetailsप्रणाम गुरुदेव जी ने बारम्बार, दोहा - गुरु को कीजिए बंदगी, कोटि कोटि प्रणाम, किट न जाने भृंग को, गुरुजी...
Read moreDetailsसैया सतगुरूजी ने देख्या जी, आज रो भलाई दिन उगियो, गुरू माने दर्शन दीना जी।। आज सैया आंबों मोरियो, सतगुरु...
Read moreDetailsसादा जीवन सुख से जीना, अधिक लड़ाना ना चाहिए, भजन सार है इस दुनिया में, कभी बिसरना ना चाहिए।। मन...
Read moreDetailsतेजाजी परणिजे रे, धोल्यो जाट परणिजे। दोहा - लीलण घोड़ी सोवणी, और सापो पलकादार, बिंद बण्या है तेजाजी, थे गावों...
Read moreDetailsपचरंग नेजा धारी पीर जी, दोहा - केसरियो बागों बणियो, तूरे तार हजार, बींद बणिया है रामदेव, रामा ही राजकुमार।...
Read moreDetailsजागो राम रुणेचे वाला, पो फाटी प्रकाश भया, बीती रेण छिपे सब तारे, चंदा ज्योति मन्द भया।। ऊगा भाण बीत...
Read moreDetailsधोरा में बाजे घोडलिये रा पोड, मरूधर में बापजी पेहरा देवे, भादुडे में चढे नाचण री हिलोर, मरूधर में बापजी...
Read moreDetailsशिव जी गौरा ने परणबा चाल्या, हिमाचल नगरी में, हिमाचल नगरी में, हिमाचल नगरी में, शिव जी गोरा ने परणबा...
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