मोरछड़ी लहरावे रे,
श्याम प्यारो रे,
श्याम हारे को सहारो रे,
म्हारा सगला कष्ट मिटावै रे,
मिटावै रे,
जद भी खाटू हालो,
मोरछड़ी लहरावै रे।।
खाटू को यो सेठ साँवरो,
लखदातार कहावै,
वारा न्यारा करता सबका,
जो खाटू आ जावै,
बाबो बैठयो माल लूटावै रे,
लुटावै रे,
जद भी खाटू हालो,
मोरछड़ी लहरावै रे।।
जद भी फागण मेलो आवै,
भीड़ पड़े है भारी,
कोई पैदल कोई दंडवत कोई,
लयावै मोटर गाड़ी,
बाबो सबका काम बनावै रे,
बनावै रे,
जद भी खाटू हालो,
मोरछड़ी लहरावै रे।।
हर ग्यारस नै बड़े भाव स्यूं,
थानै भजन सुनावाँ,
सारा रल मिल भक्तां रै संग,
छप्पन भोग लगावां,
बाबो बिगड़ी आप बनावै रे,
बनावै रे,
जद भी खाटू हालो,
मोरछड़ी लहरावै रे।।
श्याम प्यारो रे,
श्याम हारे को सहारो रे,
म्हारा सगला कष्ट मिटावै रे,
मिटावै रे,
जद भी खाटू हालो,
मोरछड़ी लहरावे रे।।
गायक / प्रेषक – भारत तिवाड़ी।
9990917547








