मुनिराज जी रो मेलो भाया जोर को लागे भजन लिरिक्स

मुनिराज जी रो मेलो भाया,
जोर को लागे,
मुनिराज जी रो मेलों भाया,
जोर को लागे,
मुनिराज जी भगतो ने दर्शन देवे,
मुनिराज जी भगतो ने दर्शन देवे,
दर्शन देवे भाया दुखडा हरे,
दर्शन देवे भाया दुखडा हरे,
मुनिराज जी रो मेलों भाया,
जोर को लागे।।



अरे आबू रे पहाडों मे बाबा भक्ति करे,

आबू रे पहाडों मे बाबा भक्ति करे,
अरे गाया चरावता शिव री माला फेरे,
गाया चराता शिव री माला फेरे,
माला फेरे ओ बाबा माला फेरे,
मुनिराज जी रो मेलों भाया,
जोर को लागे।।



अरे छठ सातम आठम आवे,

छठ सातम आठम आवे,
पौष मास रो मेलो भरे,
पौष मास रो मेलो भरे,
अरे मेलो भरे कोई नर नारी आवे,
मेलो भरे नर नारी आवे,
मुनिराज जी रो मेलों भाया,
जोर को लागे।।



अरे श्रावण मास री अमावस्या आवे,

श्रावण मास री अमावस्या आवे,
वास्थानजी मे मेलो भरे,
वास्थानजी मे मेलो भरे,
मेलो भरे लोग दर्शन आवे,
मुनिराज जी रो मेलों भाया,
जोर को लागे।।



अरे आपरी आ धुणी प्यारी लागे,

आपरी आ धुणी प्यारी लागे,
अरे लाखो ही संत तपस्या करे,
लाखो ही संत अटे तप करे तपस्या करे,
संत तपस्या करे तप करे संत तप करे,
मुनिराज जी रो मेलों भाया,
जोर को लागे।।



अरे चांदनी दसम रो मेलो भरे,

चांदनी दसम रो मेलो भरे,
बग गाँव में सब दर्शन आवे,
बग गाँव में सगला दर्शन आवे,
दर्शन आवे सगला दर्शन आवे,
दर्शन आवे ओ सगला दर्शन आवे,
मुनिराज जी रो मेलों भाया,
जोर को लागे।।



चौधरी प्रकाश थारा गुणला गावे,

अरे “मनीष सीरवी” भजन बनायो,
अरे बग गाँव सु बालक आवे,
चौधरी प्रकाश थोरा गुण गावे,
अरे गुण गावे ओ बाबा अरज करे,
गुण गावे बाबा अरज करे,
मुनिराज जी रो मेलों भाया,
जोर को लागे।।



मुनिराज जी रो मेलो भाया,

जोर को लागे,
मुनिराज जी रो मेलों भाया,
जोर को लागे,
मुनिराज जी भगतो ने दर्शन देवे,
मुनिराज जी भगतो ने दर्शन देवे,
दर्शन देवे भाया दुखडा हरे,
दर्शन देवे भाया दुखडा हरे,
मुनिराज जी रो मेलों भाया,
जोर को लागे।।

गायक – प्रकाश चौधरी (सिरोही) एंव
ओजस्वी गीता गोस्वामी।
प्रेषक / लेखक- मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें