गणपत गुण दाता सदा ही सुख पाता राजस्थानी भजन

गणपत गुण दाता सदा ही सुख पाता राजस्थानी भजन

गणपत गुण दाता,
सदा ही सुख पाता,
विगन टल जाता,
हिरदय मे ज्ञान सुनाता जी,
ओ गुरु खोलो हीरदय रा ताला,
गुरु खोलो हीरदय रा ताला,
ओ गुरु मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु मेटो मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु दाता हो ओ जी।।



मूल मेल में बसे गजानंद,

मूल मेल में बसे गजानंद,
नित उठ दर्शन पाता,
गणपत दाता,
थारा उठ दर्शन पाता,
गणपत दाता,
गुरु खोलो हीरदय रा ताला,
ओ गुरु मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु मेटो मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु दाता हो ओ जी।।



पिता कहीं जे शंकर देवा,

पिता कहीं जेशंकर देवा,
गवरी तुम्हारी माता,
गणपत दाता,
गवरी तुम्हारी माता,
गणपत दाता,
गुरु खोलो हीरदय रा ताला,
ओ गुरु मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु मेटो मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु दाता हो ओ जी।।



चार लड्डू थारे उड़द चढ़ावा,

चार लड्डू थारे उड़द चढ़ावा,
पान सुपारी रख लेता ओ,
गणपत दाता,
थारे पान सुपारी रख लेता,
ओ गणपत दाता,
गुरु खोलो हीरदय रा ताला,
ओ गुरु मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु मेटो मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु दाता हो ओ जी।।



कांधे मूंज जनेऊ सोवे,

कांधे मूंज जनेऊ सोवे,
थारे गले फुलडा री माला,
ओ गणपत दाता,
थारे गले फुलडा री माला,
ओ गणपत दाता,
गुरु खोलो हीरदय रा ताला,
ओ गुरु मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु मेटो मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु दाता हो ओ जी।।



ठुमक ठुमक कर गणपत नाचे,

ठुमक ठुमक कर गणपत नाचे,
थारी ताकि की तान बजाता,
गणपत दाता,
थारी ताकी तान बजाता,
गणपत दाता,
गुरु खोलो हीरदय रा ताला,
ओ गुरु मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु मेटो मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु दाता हो ओ जी।।



कहत कबीर सा सुनो रे भाई संतो,

कहत कबीर सा सुनो रे भाई संतो,
गुरु मिलिया सुख पाता,
गणपत दाता,
सतगुरु मिलिया सुख पाता,
गणपत दाता,
गुरु खोलो हीरदय रा ताला,
ओ गुरु मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु मेटो मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु दाता हो ओ जी।।



गणपत गुण दाता,

सदा ही सुख पाता,
विगन टल जाता,
हिरदय मे ज्ञान सुनाता जी,
ओ गुरु खोलो हीरदय रा ताला,
गुरु खोलो हीरदय रा ताला,
ओ गुरु मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु मेटो मेटो मनरा धोखा,
गणपत दाता,
गुरु दाता हो ओ जी।।


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