क्या वह स्वभाव पहला सरकार अब नहीं है भजन लिरिक्स
क्या वह स्वभाव पहला, सरकार अब नहीं है, दीनों के वास्ते क्या, दरबार अब नहीं है।। या तो दयालु मेरी,...
Read moreDetailsक्या वह स्वभाव पहला, सरकार अब नहीं है, दीनों के वास्ते क्या, दरबार अब नहीं है।। या तो दयालु मेरी,...
Read moreDetailsमुझे दास बनाकर रख लेना, भगवान तू अपने चरणों में, भगवान तू अपने चरणों में, भगवान तू अपने चरणों में,...
Read moreDetailsनानी बाई की सासु ननंद, बात न कर, देखा भला मायरो वो को, कुण रे भर।। नई रे नानी बाई...
Read moreDetailsमेरे सिर पर सिंगा जबरा, आरे वो सदा करत रहु मुजरा, मेरे सर पर सिंगा जबरा।। अंतःकरण की तुम ही...
Read moreDetailsगुरू रे गोविन्द दिजो रे बताय, गुरू रे गोवींद दिजो रे बताय, गुरूजी तुम्हारा पय्याँ लागू हो, गुरूजी तुम्हारा पय्याँ...
Read moreDetailsमंदिर में आऊंगा, दर्शन मैं पाऊंगा, शीश झुकाके मैं, तुमको मनाऊंगा, मैं हूँ पूजारी प्रभु आपका, ओ मेरे बाबा शनि...
Read moreDetailsनौ दुर्गा की नौ रात सुहानी, घर घर मे पुजे तोखे अम्बे भवानी।। सुबह शाम मैय्या थारी आरती उतारा, आरती...
Read moreDetailsखेती खेड़ो रे हरिनाम की, जामे मुकतो है लाभ।। पाप का पालवा कटावजो, काठी बाहर राल, कर्म की फाँस एचावजो,...
Read moreDetailsपी ले राम रस घुटी, म्हारा मनवा, पी लें राम रस घुटी, थारा जीवन की रेलगाड़ी छुटी, मनवा पी लें...
Read moreDetailsमन तू अमोल बाणी बोल, थारो तिन लोक में मोल।। ओहम सोहम दो पलवा बणायाँ, आरे भाई निरगुण उत्तर से...
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