कैकेई के वचन कठोर भरत के सुनतहि अंसुआ भर आए लिरिक्स
कैकेई के वचन कठोर, भरत के सुनतहि अंसुआ भर आए, जननी के वचन कठोर, भरत के सुनतहि अंसुआ भर आए।।...
Read moreDetailsकैकेई के वचन कठोर, भरत के सुनतहि अंसुआ भर आए, जननी के वचन कठोर, भरत के सुनतहि अंसुआ भर आए।।...
Read moreDetailsशान है जो पुरे भारत की, शान नहीं घटने देंगे, सर कट जाए बेशक अपना, गाय नहीं कटने देंगे, शान...
Read moreDetailsनबजिया वैद क्या जाणे, हमें दिल कि बीमारी है।। कभी कफ रोग बतलाये, कभी तासीर गरमी की, जिगर का हाल...
Read moreDetailsकुशल कारीगरी ही इनकी पहचान, ब्रम्ह स्वरुप ये विश्वकर्मा भगवान है, गूंज रहा नौ-खंड में इनका जयकारा, इनकी कृपा से...
Read moreDetailsबूटी हरि के नाम की, सबको पिला के पी, बुटी हरि के नाम की, सबको पिला के पी, पीने की...
Read moreDetailsऐ मालिक तेरे बन्दे हम, ऐसे हो हमारे करम, नेकी पर चले, और बदी से टले, ताकि हंसते हुए निकले...
Read moreDetailsअयोध्या नाथ से जाकर, पवनसुत हाल कह देना, तुम्हारी लाड़ली सीता, हुई बेहाल कह देना, अयोंध्या नाथ से जाकर, पवनसुत...
Read moreDetailsजिंदगी की ना टूटे लड़ी, नाम जपले घड़ी दो घड़ी, मन की वीणा के तारो को छेड़ो, लग जाएगी अमृत...
Read moreDetailsचढ़ता सूरज धीरे धीरे, ढलता है ढल जायेगा। दोहा - हुए नामवर बेनिशां कैसे कैसे, जमीं खा गयी नौजवान कैसे...
Read moreDetailsमैं तो यमुना का पूजन करुँगी, अपने जीवन को चंदन करुँगी।। तर्ज - मैं तो शिव की पुजारन। बाजे कण...
Read moreDetails© 2016-2026 Bhajan Diary