लो थाम लो,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
तेरे भरोसे मैं तो बैठा हूँ,
गिर ना जाऊं कहीं,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
लों थाम लों।।
तर्ज – ओ साहिबा।
अपनो ने मुझे बाबा,
कभी काबिल ना समझा,
रिश्तों के झमेलों में,
उलझा कर ही रखा,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
दूरी ये तेरी मुझको खाती है,
पास आ तो सही,
लों थाम लों,
लों थाम लों।।
अब थक गया हूँ मैं,
पीड़ा को सह सह के,
और हार गया हूँ मैं,
तुमको भी कह कह के,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
क्या मेरी बिगड़ी नज़र आती है,
फिर बना तो सही,
लों थाम लों,
लों थाम लों।bd।
मेरी जो नैया है,
उसका तू खैवैया है,
मैं तो ना हारूंगा,
जग का ये रवैया है,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
जमाना मुझको ये डराता है,
ना डूब जाऊं कहीं,
लों थाम लों,
लों थाम लों।।
लो थाम लो,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
तेरे भरोसे मैं तो बैठा हूँ,
गिर ना जाऊं कहीं,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
लों थाम लों,
लों थाम लों।।
Singer – Ayush Somani Ji
Lyrics – Kanhiya Mittal Ji








