चल मैया के द्वार,
बुलावा आया है,
मुझको पहली बार,
बुलावा आया है,
किसी को भेजें चिट्ठी पत्री,
किसी को भेजें चिट्ठी पत्री,
मुझको भेजा तार,
बुलावा आया है।।
दिल में थी जो एक तमन्ना,
आज हुई है पूरी,
मईया के दर जाने की,
हमें मिल गई मंज़ूरी,
देखा था जो हमने सपना,
आज हुआ साकार,
बुलावा आया है,
चल मईया के द्वार,
बुलावा आया है,
मुझको पहली बार,
बुलावा आया है।।
पान सुपारी ध्वजा नारियल,
माँ की भेंट मैं लाया,
पायल बिछुए कंगन झुमके,
टीका भी गड़वाया,
लाल चुनरिया लेकर आया,
करने को श्रृंगार,
बुलावा आया है,
चल मईया के द्वार,
बुलावा आया है,
मुझको पहली बार,
बुलावा आया है।।
‘पाठक’ पर भी कृपा करदो,
वैष्णो मईया थोड़ी,
कहे लचक आऊ तेरे दर पे,
चढ़के पौड़ी पौड़ी,
नाचू गाऊँ भजन सुनाऊ,
करू मैं जयजय कार,
बुलावा आया है,
चल मईया के द्वार,
बुलावा आया है,
मुझको पहली बार,
बुलावा आया है।।
चल मैया के द्वार,
बुलावा आया है,
मुझको पहली बार,
बुलावा आया है,
किसी को भेजें चिट्ठी पत्री,
किसी को भेजें चिट्ठी पत्री,
मुझको भेजा तार,
बुलावा आया है।।
गायक – निशांत भागवत पाठक।
8126472537








