शिव शंकर तुम्हरी जटाओ से गंगा की धारा बहती है लिरिक्स
शिव शंकर तुम्हरी जटाओ से, गंगा की धारा बहती है, सारी श्रष्टि इसलिए तुम्हे, गंगा धारी शिव कहती है, शिव...
Read moreDetailsशिव शंकर तुम्हरी जटाओ से, गंगा की धारा बहती है, सारी श्रष्टि इसलिए तुम्हे, गंगा धारी शिव कहती है, शिव...
Read moreDetailsभोलेनाथ की दीवानी, गौरा रानी लागे, गौरा रानी लागे, शिव संग में विराजी तो, महारानी लागे।। तर्ज - मीठे रस...
Read moreDetailsशम्भू के विवाह का मजा लीजिए, शिव के दीदार का मजा लीजिए।। तर्ज - थोड़ा इंतजार का। सर्पों का हार...
Read moreDetailsदरस एक बार दिखाना रे, शिव शंकर डमरू वाले।। तर्ज - बता मेरे यार सुदामा। इतना बताओ शम्भू मेरे, तुमने...
Read moreDetailsहे त्रिपुरारी गंगाधरी, सृष्टि के आधार, शंकर किरपा करुणाकार, भोले किरपा करुणाकार।। तर्ज - हे दुःख भंजन। शिव शंकर है...
Read moreDetailsजल चढाने से, सब काम होता है, महादेव को खुश करना, आसान होता है।। तर्ज - सिंदूर चढाने से। महादेव...
Read moreDetailsसारे जग का है, रखवाला मेरा भोला, करें नंदी की सवारी, की महिमा है न्यारी, लागे प्यारी हो, प्यारी हो,...
Read moreDetailsमेरा भोला है भंडारी, करे नंदी कि सवारी। सबना दा रखवाला ओ शिवजी, डमरूवा वाला जी डमरूवा वाला, ऊपर कैलाश...
Read moreDetailsहे नाथ दया करके, मेरी बिगड़ी बना देना, अब तक जो निभाया है, आगे भी निभा देना, आगे भी निभा...
Read moreDetailsभोले भोले रट ले जोगनी, शिव ही बेड़ा पार करे, भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले, भोलेनाथ बिना ना मुक्ति मिले।।...
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