श्याम की जोगन बन जाऊँ,
दोहा – नैनां भीतर बस गयो,
बंसी वालो श्याम,
जोगन बन दर-दर फिरूँ,
लेके थारो नाम।
श्याम की जोगन बन जाऊं,
श्याम की जोगन बन जाऊं,
थारे नाम की ओढ़ चुनरिया,
घूमूँ गली-गली,
श्याम बिना अब लागे ना,
म्हाने दुनिया भली,
श्याम की जोगन बन जाऊं,
श्याम की जोगन बन जाऊँ।bd।
घूँघट री ओट में नैना,
श्याम रो नाम पुकारे,
भीगी-भीगी रैना बोले,
साँवरियो मन भावे,
चूड़ी खनके प्रेम री धुन में,
पायल दे झंकार,
श्याम बिना अब सूनो लागे,
म्हाने सगळो संसार,
श्याम की जोगन बन जाऊं,
श्याम की जोगन बन जाऊँ।bd।
मोर पंख सी याद थारी,
मन आंगण में डोले,
बंसी री मीठी तान सुनूँ,
तो प्राण पपीहा बोले,
केसर चंदन महके ज्यूँ,
थारो नाम लियूँ,
जोगन बनके दर-दर फिरूँ,
बस थाने ही जियूँ,
श्याम की जोगन बन जाऊं,
श्याम की जोगन बन जाऊँ।bd।
ना चाहूँ महल अटारी,
ना चाँदी ना सोना,
म्हाने तो बस मिल जावे,
श्याम थारो कोना,
राधा ज्यूँ रंग दीनी प्रीत में,
म्हाने भी रंग दो,
श्याम की जोगन कहवाऊँ,
म्हारे ऐसा वर दो,
श्याम की जोगन बन जाऊं,
श्याम की जोगन बन जाऊँ।bd।
श्याम की जोगन बन जाऊँ,
श्याम की जोगन बन जाऊं,
थारे नाम की ओढ़ चुनरिया,
घूमूँ गली-गली,
श्याम बिना अब लागे ना,
म्हाने दुनिया भली,
श्याम की जोगन बन जाऊं,
श्याम की जोगन बन जाऊँ।bd।
By – Team Bhajan Diary








