कंचन कांच का बणिया रे हनुमान भजन लिरिक्स
कंचन कांच का बणिया रे हनुमान, चांदी की म्हारी चौथ माता।। कामखेड़ा में पुजाया हनुमान, बरवाड़े म्हारी चौथ माता, कामखेड़ा...
Read moreDetailsकंचन कांच का बणिया रे हनुमान, चांदी की म्हारी चौथ माता।। कामखेड़ा में पुजाया हनुमान, बरवाड़े म्हारी चौथ माता, कामखेड़ा...
Read moreDetailsनित उठ देखूँ सपना माँ रा, मैं दर्शन कद पाऊ मेरी माँ, अम्बे माँ जगदम्बे भवानी, मंदिर बढ़ो सवायौ।। विरात्रा...
Read moreDetailsमटकी को तो माखन खा गयो रे, मारा ताला ने तोड़ायो, मारा छीका ने तोडायो, मारा ताला ने तोडायो, मारा...
Read moreDetailsनाम रो दीवानों ज्यारो, दोहा - राम नाम की लूट है, और लूट सके तो लूट, अंत समय पछतायेगा, तेरो...
Read moreDetailsसुतो राणो सुखभर नींद, मेवाड़ी राणा ओ, सुतो राणों सुखभर नींद, मेवाड़ी राणा ओ, सुता राणा ने सपनो आवियो, सुतोडा...
Read moreDetailsसारी सभा मिल बोलो राम राम, छंद - कहे सन्त सगराम, तू भोंदू भज रे पीव, बैठो क्यों सगराम कहे,...
Read moreDetailsसाधु भाई निर्गुण खेल हमारा, छंद - क्या पूछो गम अगम की, रहत वचन के पार, जिभ्या पर आवे नहीं,...
Read moreDetailsसारा जग छोड़ दर्श की प्यास लगी, बाबा तुमसे मिलने की आस लगी, सारा जग छोड़ दर्श की प्यास जगी,...
Read moreDetailsबाबा रो लीलो घोड़लीयो, घोडलीयो घोडलीयो बाबे रो, भगता रे मन भावे, ओ तो उडीयो उडीयो आवे, बाबा रो लीलो...
Read moreDetailsवेगो रे वेगो आईजे रे, कानुडा थारी मथुरा में, थारी राधा जोवे बाट, इतोरे कई अडीयो रे, थारी राधा जोवे...
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