जियो जगदम्बा,
चांगवा नगरी में,
बनीयो देवरो माताजी,
चांगवा नगरी में थोरो,
बेसनो ए भवानी,
आवो आवो भगतो वाली,
वेल म्हारी ए जग कल्याणी,
वेल म्हारी ए,
कुल धनीयाणी,
दर्शन देवोनी जग री,
जोगनी जगदम्बा,
अरादे पधारो,
मोटी मावडी जगदम्बा।।
जियो जगदम्बा,
गोड़वाड़ री धन्य धरा रे,
मायने भवानी,
रानी तहसील पाली,
जिला मायने भवानी,
प्राण प्रतिष्ठा होवे,
हद भारी म्हारी ए,
जग कल्याणी,
भारी म्हारी ए,
कुल धनीयाणी,
दर्शन देवोनी जग री,
जोगनी जगदम्बा,
अरादे पधारो,
मोटी मावडी जगदम्बा।।
जियो जगदम्बा,
ज्येष्ठ वदी आठम् रो,
सूरज ऊगियो माताजी,
चांगवा मे सोने रो,
सूरज ऊगियो ए भवानी,
संवत् 2083 रविवार,
म्हारी ए जग कल्याणी,
वार म्हारी ए,
कुल धनीयाणी,
दर्शन देवोनी जग री,
जोगनी जगदम्बा,
अरादे पधारो,
मोटी मावडी जगदम्बा।।
जियो जगदम्बा,
गणेश जी संग हनुमानजी,
बिराजीया ए भवानी,
कार्तिकेय संग वरुण देवजी,
बिराजीया देवल मे,
काला भेरुजी है मां अगवानी,
म्हारी ए जग कल्याणी,
वानी म्हारी ए कुल धनीयाणी,
दर्शन देवोनी जग री,
जोगनी जगदम्बा,
अरादे पधारो,
मोटी मावडी जगदम्बा।।
जियो जगदम्बा,
इन्द्र देवजी संग यम देवजी,
बिराजीया ए भवानी,
मंदिरीये में जगमग ज्योता,
जागती भवानी,
आरतियां री वेला वेगी,
आव म्हारी ए जग कल्याणी,
आव म्हारी ए,
कुल धनीयाणी,
दर्शन देवोनी जग री,
जोगनी जगदम्बा,
अरादे पधारो,
मोटी मावडी जगदम्बा।।
जियो जगदम्बा,
समस्त कार्यकरणी हिल मिल,
आविया भवानी,
चांगवा मे भगत थोने,
मनाविया ओ माताजी,
*मनीष सीरवी* लिखे शरणा माय,
म्हारी ए जग कल्याणी,
माय म्हारी ए कुल धनीयाणी,
*भवानी कोलु* वालो गावे,
भाव सु जगदम्बा,
दर्शन देवोनी जग री,
जोगनी जगदम्बा,
अरादे पधारो,
मोटी मावडी जगदम्बा।।
जियो जगदम्बा,
चांगवा नगरी में,
बनीयो देवरो माताजी,
चांगवा नगरी में थोरो,
बेसनो ए भवानी,
आवो आवो भगतो वाली,
वेल म्हारी ए जग कल्याणी,
वेल म्हारी ए,
कुल धनीयाणी,
दर्शन देवोनी जग री,
जोगनी जगदम्बा,
अरादे पधारो,
मोटी मावडी जगदम्बा।।
गायक – भवानी सिंह जी राजपुरोहित (कोलू)
लेखक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला ब्यावर राजस्थान)
9640557818








