थारा नाम सु तीर जावा म्हारा सांवरा,
म्हारा सांवरिया सरकार,
बैठा गढ मंडफिया रे माय,
थारे दूर सु आया वो थारा जातरी।।
घणा कोड सु अर्जी लेने,
भगत आपरा आया,
देख आपरी मंडफिया नगरी,
मन ही मन हरषाया,
कोई पेदल-पेदल आया,
कोई मोटर गाडी लाया,
थारा नाम सु तीर जावा म्हारा सांवरा,
मारा सावरिया सरकार,
बैठा गढ मंडफिया रे माय।।
घणा भगता रा काज सवारया,
मैं भी अर्जी लायो,
देख आपरी मूरत संवरा,
दिल मारो हरषायो,
कोई भीड लगे हद भारी संवरा,
थारी नगरी माई,
म्हारी अर्जी ने स्वीकारी म्हारा सांवरा,
मारा सावरिया सरकार,
बैठा गढ मंडफिया रे माय।।
घणा दयालु सेठ सांवरा,
भगता रे घर आया,
भगता रे घर आया सांवरा,
सुता भाग जगाया,
कोई ढोल-नगाडा बाजे,
बाबा भगत सारा नाचे,
थाने छप्पन भोग जिमावा म्हारा सांवरा,
मारा सावरिया सरकार,
बैठा गढ मंडफिया रे माय।।
म्हारा सांवरिया सरकार,
बैठा गढ मंडफिया रे माय,
थारे दूर सु आया वो थारा जातरी।।
गायक – कविराज भाटी।
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