मांगा मैंने कतरा,
दिया है समन्दर,
बाबोसा मुझको तूने,
अपना बनाकर,
कृपा है ये तेरी,
ओ मेरे प्रभुवर,
चरणों में अपने रखना,
छुटे ना तेरा दर।।
तर्ज – तुम्ही मेरे मन्दिर।
जबसे हुई है,
पहचान तुमसे,
होने लगे पूरे,
अरमान तबसे,
तेरी कृपा का,
ही है ये असर,
चरणों में अपने रखना,
छुटे ना तेरा दर।।
दुखो से भरी थी,
ये मेरी जिन्दगी,
खुशहाल हो गई है,
कृपा से तेरी,
अब चिंता कोई,
ना कोई है फिकर,
चरणों में अपने रखना,
छुटे ना तेरा दर।।
जलवा जमीन से,
आसमाँ तलक है,
सबसे अलग ये,
तुम्हारी झलक है,
जीवन की राहों के,
तुम्ही हो रहबर,
चरणों में अपने रखना,
छुटे ना तेरा दर।।
छुटे जमाना चाहे,
ना छुटे तेरा साथ,
रहे मेरे सर पे ये,
सदा हीं तेरा हाथ,
जन्मों जनम करना,
एहसान दिलबर,
चरणों में अपने रखना,
छुटे ना तेरा दर।।
मांगा मैंने कतरा,
दिया है समन्दर,
बाबोसा मुझको तूने,
अपना बनाकर,
कृपा है ये तेरी,
ओ मेरे प्रभुवर,
चरणों में अपने रखना,
छुटे ना तेरा दर।।
गायिका – संगीता कर्जना मुम्बई (प्ले बेक सिंगर)
रचनाकार – दिलीप सिंह सिसोदिया ‘दिलबर’
नागदा जक्शन म.प्र.
मो. 9907023365
प्रेषक – श्री हर्ष व्यास मुम्बई।
(म्यूजिक डायरेक्टर एवम कंपोजर)
मो . 9820947184








