जिस घर बाबोसा की,
ज्योत जली,
उस घर की हर,
विपदा टली,
करने प्रतिष्ठा,
मंजू बाईसा चली,
गूंजे जयकारे गली गली।।
तर्ज – छोटे छोटे भाइयो के।
दिव्य ज्योत बाबोसा की,
ये सुख सम्रद्धि देती है,
उस घर की हर अला बला,
ये पल में ही हर लेती है,
जगमग जगमग ज्योत जली,
जगमग जगमग ज्योत जली,
गांव नगर हर गली गली,
जिस घर बाबोंसा की,
ज्योत जली,
उस घर की हर,
विपदा टली।।
बाबोसा जिस घर आये,
किस्मत के ताले खुल जाये,
उस घर के हर प्राणी की,
हाथों की रेखा बदल जाये,
बाबोसा को बालाजी की शक्ति मिली,
बाबोसा को बालाजी की शक्ति मिली,
कर रहे है बाबोसा,
सबकी भली,
जिस घर बाबोंसा की,
ज्योत जली,
उस घर की हर,
विपदा टली।।
बाईसा मे बाबोसा,
जिसको भी ये दर्श हुआ,
जीवन उसका धन्य हुआ,
बदल गईं उसकी दुनिया,
दिलबर सारी मनोकामना फली,
दिलबर सारी मनोकामना फली,
जबसे बाबोसा की,
ज्योत जली।।
जिस घर बाबोसा की,
ज्योत जली,
उस घर की हर,
विपदा टली,
करने प्रतिष्ठा,
मंजू बाईसा चली,
गूंजे जयकारे गली गली।।
🎤 गायिका / Singer – संगीता कर्जना मुम्बई।
✍️ लेखक / Lyrics – दिलीप सिंह सिसोदिया “दिलबर” नागदा जक्शन म.प्र.
☎️ संपर्क / Contact – 9907023365
📜 प्रेषक / Upload By – श्री हर्ष व्यास मुम्बई।
☎️ संपर्क / Contact – 9820947184








