कंचन कांच का बणिया रे हनुमान भजन लिरिक्स

कंचन कांच का बणिया रे हनुमान,
चांदी की म्हारी चौथ माता।।



कामखेड़ा में पुजाया हनुमान,

बरवाड़े म्हारी चौथ माता,
कामखेड़ा में पुजाया हनुमान,
बरवाड़े म्हारी चौथ माता।।



म्हारा जेठ जी ढोके जे हनुमान,

जेठाणी म्हारी चौथ माता,
म्हारा जेठ जी ढोके जे हनुमान,
जेठाणी म्हारी चौथ माता।।



म्हारा ससराजी ढोके जे हनुमान,

सासुजी म्हारी चौथ माता,
म्हारा ससराजी ढोके जे हनुमान,
सासुजी म्हारी चौथ माता।।



कंचन कांच का बणिया रे हनुमान,

चांदी की म्हारी चौथ माता।।

गायक – सुखदेव भारती।


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