मटकी को तो माखन खा गयो रे भजन लिरिक्स

मटकी को तो माखन खा गयो रे,

मारा ताला ने तोड़ायो,
मारा छीका ने तोडायो,
मारा ताला ने तोडायो,
मारा चीका ने तोडायो,
मटकी को तो माखन खा गयों रे,
मटकी को तो माखन खा गयो रे।।



सखीया ले जावे कान्हो रास रचावे,

ओतो सखीया ले जावे कान्हो रास रचावे,
नन्दलालो बीन बजा रयो रे,
नन्दलालो बीन बजा रयो रे।।



राधा जमना नावा जावे,

एतो सखीया भी आवे,
राधा जमना नावा जावे,
एतो सखीया भी आवे,
सारी सखीया रो चीर चुरा गयो रे,
सारी सखीया रो चीर चुरा गयो रे।।



अरे दहिडो चुरावो कान्हो,

मटकीया फोड आवे,
अरे दहिडो चुरावो कान्हो,
मटकीया फोड आवे,
कानुडो रोल मचा गयो रे,
कानुडो रोल मचा गयो रे।।



हिरा गुजरी तो गावे कानुडा ने मनावे,

हिरा गुजरी तो गावे कानुडा ने मनावे,
सावरियो दर्श दिखा गयो रे,
सावरियो दर्श दिखा गयो रे।।



मारा ताला ने तोड़ायो,

मारा छीका ने तोडायो,
मारा ताला ने तोडायो,
मारा चीका ने तोडायो,
मटकी को तो माखन खा गयो रे,
मटकी को तो माखन खा गयों रे।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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