कुण जाणे या माया श्याम की अजब निराली रे भजन लिरिक्स
कुण जाणे या माया श्याम की, अजब निराली रे, तिरलोकी को नाथ जाट को, बण गयो हाळी रे।। सौ बीघा...
Read moreDetailsकुण जाणे या माया श्याम की, अजब निराली रे, तिरलोकी को नाथ जाट को, बण गयो हाळी रे।। सौ बीघा...
Read moreDetailsश्याम धणी तू लखदातार, सच्चा है तेरा दरबार। तर्ज - टोटे टोटे हो गया दिल। श्याम धणी तू लखदातार, सच्चा...
Read moreDetailsये खबर फैला दो संसार में, ढिंढोरा पिटवा दो बाजार में, जो चाहे वो ले लो, ले लो, मेरे श्याम...
Read moreDetailsमैं भीख माँग रया हाँ, ओ बाबा थारे द्वार, जनम जनम का, काट के बंधन, जनम जनम का, काट के...
Read moreDetailsमैं वारी जाऊँ, सूरत पे थारी गिरधारी जी।। रूप तेरा वंडरफुल है, दरबार तेरा हाउस फुल है, क्यों की तू...
Read moreDetailsस्वर्ग की सीढियाँ है, तेरी सीढ़ियां, सबको मिलती कहाँ माँ, तेरी सीढ़ियां, सबको मिलती कहाँ माँ, तेरी सीढ़ियां, स्वर्ग की...
Read moreDetailsनवराते आ गए, तर्ज - आया सावन झूम के। अँगना बुहारो माँ का, भवन सवारों, झोंके पुरवईया के, बतला गए,...
Read moreDetailsअमृत की बरसे बदरिया, अम्बे माँ की दुअरिया, अमृत की बरसे बदरिया, ओये मेरी माँ की दुअरिया।। दादुर मोर पपीहा...
Read moreDetailsद्वारे चलिए मैया के, द्वारे चलिए, ले आया सावन का महीना, लेने नज़ारे चलिए, द्वारे चलिए मैया के, द्वारे चलिए।।...
Read moreDetailsजहाँ आसमां झुके जमीं पर, सर झुकता संसार का, वही पे देखा हमने जलवा, माँ तेरे दरबार का।। तर्ज -...
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