गूंज उठी जयकार जगत में खोली के तपधारी लिरिक्स
गूंज उठी जयकार जगत में, खोली के तपधारी, आज तलक ना तेरे दर से, खाली गया भीखारी।। सारी दुनिया सुख...
Read moreDetailsगूंज उठी जयकार जगत में, खोली के तपधारी, आज तलक ना तेरे दर से, खाली गया भीखारी।। सारी दुनिया सुख...
Read moreDetailsजय खोली वाले, तेरे खेल निराले, तू छोड़ सिग्हासन आया, पर्वत पे रास रचाया।। जब जब भीड़ पड़ी भक्तो पे,...
Read moreDetailsमेरे बाला जी महाराज, थारे चरणों में प्रणाम हो।। मेहन्दीपुर म मन्दिर तेरा, ज्या भगतो का लगता डेरा, तेरी होरी...
Read moreDetailsचाल दादा म्हारे घर ने, हो तेरा पोता लेवन आया, बाट तेरा कुनबा देखे, बाट तेरा कुनबा देखे।। हो म्हारे...
Read moreDetailsमेरी माँ दे लम्बे बाल, परांदा लंबा लाइयों, परांदा लंबा लाइयों, परांदा लंबा लाइयों।। तू चिंतपूर्णी जाइयों, प्यारी सी चूड़ी...
Read moreDetailsसुपने में भोलेनाथ, सपने में मेरे रात, एक जोड़ा आया था, माँ पार्वती थी साथ, और भोला आया था, भोले...
Read moreDetailsहर महीने बनभौरी में तू, क्या करने जाता, मैं माँ से मिल आता, मैं झोलिया भर लाता, जब याद सताए...
Read moreDetailsकुलदेवी हो के मेरी, क्यूँ सुणती ना अरदास मेरी, बनभौरी मैं बैठण आली, टूटण ना दे आस मेरी।। तर्ज -...
Read moreDetailsसुनो गवैया रे, ना चाहिए रुपया रे, हरि के ध्यान का, अपने ज्ञान का, रंग बरसाएंगे, असली सौदा पावेगा, जब...
Read moreDetailsदीन दुखी की बंधावै धीर, जोतराम बदलै तकदीर।। तर्ज - सुण मेरे मौसा सुणी के ना। भभूता सिद्ध का चेल्ला...
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