सुपने में भोलेनाथ,
सपने में मेरे रात,
एक जोड़ा आया था,
माँ पार्वती थी साथ,
और भोला आया था,
भोले वादा किया है तो,
निभाना पड़ेगा,
मेरा भोला बुलारा है,
मन्ने जाना पड़ेगा,
चल हर की पौड़ी ते,
मन्ने जाना पड़ेगा।।
देख तपस्या कर रहा सूँ मैं,
जैसे की थी शबरी ने,
तान दिया है तंबू भोले,
तेरी गंगा नगरी में,
जब तक ना आवेगा सामी,
तब तक ना कांवड़ ठाऊँगा,
जो मिला नहीं तो तू भोले,
ना एक भी दाना खाऊँगा,
ओ हाथा ते तन्ने अपने,
रे खवाना पड़ेगा,
मेरा भोला बुलारा है,
मन्ने जाना पड़ेगा,
चल हर की पौड़ी ते,
मन्ने जाना पड़ेगा।।
भांग घोट दी है भोले,
तेरी और क्या सेवा करनी है,
आदेश तो कर,
मैं तैयार खड़ा हूँ,
कदे चिलम तेरी भरनी है,
सह परिवार दुआ भोले ने,
ना कमी भोग में छोड़ूँगा,
बेशक मेघ पड़े कितना,
ना तन पे कपड़ा ओढ़ूँगा,
मैं भी तो निभार्या हूँ,
तन्ने निभाना पड़ेगा,
मेरा भोला बुलारा है,
मन्ने जाना पड़ेगा,
चल हर की पौड़ी ते,
मन्ने जाना पड़ेगा।।
सपने में मेरे रात,
एक जोड़ा आया था,
माँ पार्वती थी साथ,
और भोला आया था,
भोले वादा किया है तो,
निभाना पड़ेगा,
मेरा भोला बुलारा है,
मन्ने जाना पड़ेगा,
चल हर की पौड़ी ते,
मन्ने जाना पड़ेगा।।
🎤 गायक / Singer – Vicky Sufi
✍️ लेखक / Lyrics – Parry Baisla
📜 प्रेषक / Upload By – Vicky Sufi
☎️ संपर्क / Contact – +91 89204 16520








