हनुमान बड़ा अलबेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
बजरंग बडा अलबेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
ओ वो तो लंका जलाए अकेला।।
कभी सागर को लांघे,
कभी पर्वत को लांघे,
कभी सागर को लांघे,
कभी पर्वत को लांघे,
कभी उड़ता जाए अकेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
कभी उड़ता जाए अकेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
हनुमान बडा अलबेला,
वो तो लंका जलाए अकेला।।
कभी लंका के द्वार,
कभी लंका के पार,
कभी लंका के द्वार,
कभी लंका के पार,
कभी लंकिनी को मारे अकेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
कभी लंकिनी को मारे अकेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
हनुमान बडा अलबेला,
वो तो लंका जलाए अकेला।।
कभी रावण के घर,
फिर विभीषण के घर,
कभी रावण के घर,
फिर विभीषण के घर,
कभी वाटिका में बैठा अकेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
कभी वाटिका में बैठा अकेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
हनुमान बडा अलबेला,
वो तो लंका जलाए अकेला।।
कभी बगिया उजाड़े,
कभी अक्षय को मारे,
कभी बगिया उजाड़े,
कभी अक्षय को मारे,
कभी संजीवनी लाए अकेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
कभी संजीवनी लाए अकेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
हनुमान बड़ा अलबेला,
वो तो लंका जलाए अकेला।।
कभी राम जी के साथ,
कभी सीता जी के साथ,
कभी राम जी के साथ,
कभी सीता जी के साथ,
कभी रामगुण गाए अकेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
कभी रामगुण गाए अकेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
हनुमान बड़ा अलबेला,
वो तो लंका जलाए अकेला।।
हनुमान बड़ा अलबेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
बजरंग बड़ा अलबेला,
वो तो लंका जलाए अकेला,
ओ वो तो लंका जलाए अकेला।।
Video / Music – Bhajan Diary
देखें – किसने कहा था लंका जला दीजिये।








