सांवरिया अब तो ऑर्डर दे दे,
गढ़ मंडफिया आबा को।।
सब साथिडा मारा सांवरिया,
थारे गढ मंडफिया मे आवे,
हाथां मे निशान सांवरिया,
भगवा को लहरावे,
मारो मन भी होवे सांवरा,
थारा दर्शण पाबा को रे,
साँवरिया अब तो ऑर्डर दे दे,
गढ़ मंडफिया आबा को।।
नाच कुद कर हर ग्यारस ने,
थारे गढ मंडफिया मे आऊं,
जलझुलणी का झुला में,
सांवरिया थने झुलाऊं,
झांकि सजाकर चारभुजा कि,
मंडफिया ल्याबा को रे,
साँवरिया अब तो ऑर्डर दे दे,
गढ़ मंडफिया आबा को।।
आयो जमानो अस्यो खोडलो,
सब रिलां अस्लील बणाव,
एक पोस्ट पर बाबा ज्यांका,
फोलोवर बढ जाव,
पण मारो मनडो लाग्यो थारा,
भजन बणाबा को रे,
साँवरिया अब तो ऑर्डर दे दे,
गढ़ मंडफिया आबा को।।
दुखडा मिटावे सब दुखियां रा,
कोई तु है नामी सेठ,
अरे रुपयां रा भण्डार भरया,
थारे चांदी वाला गेट,
ध्यान राख तु सांवरिया,
रुजगार चलाबा को रे,
साँवरिया अब तो ऑर्डर दे दे,
गढ़ मंडफिया आबा को।।
हरदम मारा चारभुजा जी,
मैं थारी महीमा गांउं,
कृपा थारी सांवरिया,
ज्यांसु परिवार चलाऊं,
जयसिंह नायक भजन बणावे,
गांव गोयला को रे,
साँवरिया अब तो ऑर्डर दे दे,
गढ़ मंडफिया आबा को।।
सांवरिया अब तो ऑर्डर दे दे,
गढ़ मंडफिया आबा को।।
गायक एवं लेखक – जय सिंह नायक रघुवंशी गोयला।
9664103051








