तुम्ही मेरी नइया किनारा तुम्ही हो भजन लिरिक्स

तुम्ही मेरी नइया,
किनारा तुम्ही हो,
मेरी जिंदगी का,
सहारा तुम्ही हो,
तुम्ही मेरी नईया,
किनारा तुम्ही हो।।

तर्ज – तुम्ही मेरे मंदिर।



ये नर तन का चोला,

बनाया है तुमने,
सभी अंग ढ़ंग से,
सजाया है तुमने,
तुम्ही मेरी नजरें प्रभुजी,
नजारा तुम्ही हो,
मेरी जिंदगी का,
सहारा तुम्ही हो,
तुम्ही मेरी नईया,
किनारा तुम्ही हो।।



तुम्ही सूर्य बनकर,

चमकते हो प्यारे,
तुम्ही बिजली बनकर,
कड़कते हो प्यारे,
तुम्ही चाँद तारे प्रभुजी,
सितारा तुम्ही हो,
मेरी जिंदगी का,
सहारा तुम्ही हो,
तुम्ही मेरी नईया,
किनारा तुम्ही हो।।



तुम्ही बनके बादल,

बरसते हो प्यारे,
तुम्ही फूल बनकर,
महकते हो प्यारे,
नदी सिंधु सागर की,
धारा तुम्ही हो,
मेरी जिंदगी का,
सहारा तुम्ही हो,
तुम्ही मेरी नईया,
किनारा तुम्ही हो।।



कृपा कोप करुणा,

सभी काम तेरे,
सभी रूप तेरे,
सभी नाम तेरे,
‘देवेंद्र राजेंद्र कैलाश’,
शरण आए तेरे,
यति भिक्षु सद्गुरु,
हमारा तुम्ही हो,
मेरी जिंदगी का,
सहारा तुम्ही हो,
तुम्ही मेरी नईया,
किनारा तुम्ही हो।।



तुम्ही मेरी नइया,

किनारा तुम्ही हो,
मेरी जिंदगी का,
सहारा तुम्ही हो,
तुम्ही मेरी नईया,
किनारा तुम्ही हो।।

स्वर – देवेन्द्र पाठक जी महाराज।


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें