तेरे हाथों का खिलौना हूँ मैं सांवरा भजन लिरिक्स

तेरे हाथों का खिलौना,
हूँ मैं सांवरा,
जैसे मर्ज़ी तू मुझको,
नचाये जा,
मैं पतंग तेरे हाथ,
मेरी डोर है,
चाहे काट दे या,
अम्बर उड़ाए जा,
तेरे हाथो का खिलौना,
हूँ मैं सांवरा।।

तर्ज – जरा सामने तो आओ।



तेरे लिए दिल ये,

तड़पता है दाता मेरे,
तेरे बिना दिल,
बेसहारा ये,
तेरे ही तो बाग़ का मैं,
फूल हूँ ओ दाता मेरे,
रहने दे चरणों,
को थाम के,
तेरी प्यारी सी सूरत,
दिखलाये जा,
तेरी रहमतों को यूँ ही,
छलकाए जा,
मैं पतंग तेरे हाथ,
मेरी डोर है,
चाहे काट दे या,
अम्बर उड़ाए जा,
तेरे हाथो का खिलौना,
हूँ मैं सांवरा।।



कुछ भी नहीं है मेरा,

तेरा ही करम है,
दुनिया जो देती,
मुझे मान है,
मैं हूँ सेवादार दाता,
दर का भिखारी तेरे,
यही मेरी,
बाबा पहचान है,
मेरे डालता,
गुनाहों पे तू पर्दा,
मेरे ऐब मेरे,
सांवरा छुपाये जा,
मैं पतंग तेरे हाथ,
मेरी डोर है,
चाहे काट दे या,
अम्बर उड़ाए जा,
तेरे हाथो का खिलौना,
हूँ मैं सांवरा।।



ज़िन्दगी की राह पे जो,

ठोकरे मिले तो मुझे,
आके लेना,
सांवरे संभाल तू,
बुरा भला जैसा भी हूँ,
लाल तो मैं तेरा ही हूँ,
रख लेना मेरा भी,
ख़याल तू,
ये ही आस मेरे,
बाबा तेरे दास की,
तेरी राहों पे,
मुझको चलाये जा,
मैं पतंग तेरे हाथ,
मेरी डोर है,
चाहे काट दे या,
अम्बर उड़ाए जा,
तेरे हाथो का खिलौना,
हूँ मैं सांवरा।।



तेरे हाथों का खिलौना,

हूँ मैं सांवरा,
जैसे मर्ज़ी तू मुझको,
नचाये जा,
मैं पतंग तेरे हाथ,
मेरी डोर है,
चाहे काट दे या,
अम्बर उड़ाए जा,
तेरे हाथो का खिलौना,
हूँ मैं सांवरा।।

Singer & Writer – Anil Lata


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें