झूला झूले श्यामा प्यारी,
श्री वृंदावन में,
श्री वृंदावन में,
श्री मधुवन में,
झूला झूलें श्यामा प्यारी,
श्री वृंदावन में।।
आई सावन की बहार,
रिमझिम रिमझिम पड़े फुहार,
कैसी महक उठी फुलवारी,
श्री वृंदावन में,
झूला झूलें श्यामा प्यारी,
श्री वृंदावन में।।
झूला पड़ो कदम की डार,
सखियां गाए रही मलहार,
झोटा दे रही कुंज बिहारी,
श्री वृंदावन में,
झूला झूलें श्यामा प्यारी,
श्री वृंदावन में।।
जुग जुग जियो युगल हमारे,
तुम पागल के प्राणन प्यारे,
‘चित्र विचित्र’ जाए बलिहारी,
श्री वृंदावन में,
झूला झूलें श्यामा प्यारी,
श्री वृंदावन में।।
झूला झूले श्यामा प्यारी,
श्री वृंदावन में,
श्री वृंदावन में,
श्री मधुवन में,
झूला झूलें श्यामा प्यारी,
श्री वृंदावन में।।
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🎤 गायक / Singer – Shri Chitra Vichitra Ji Maharaj
✍️ लेखक / Lyrics – Shri Chitra Vichitra Ji & Purshotam Das Ji








