देखो डोल में सजे है नंदलाल,
ग्यारस की बेला आ ही गई,
देखों डोल में सजे है नंदलाल,
दर्शन की बेला आ ही गई।।
तर्ज – मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान।
फूलन से है डोल सजाया,
लड़ियां लगी हजार,
बैठ के उसमें चले है कान्हा,
करने जल में विहार,
तेरा लहरे भी करे हैं इंतजार,
ग्यारस की बेला आ ही गई,
देखों डोल में सजे है नंदलाल,
दर्शन की बेला आ ही गई।।
आगे बाजे ढोल नगाड़े,
पीछे भक्त हजार,
दर्शन पाकर धन्य हुए सब,
करते जय जयकार,
जलझूलनी का पावन है त्योहार,
दर्शन की बेला आ ही गई,
देखों डोल में सजे है नंदलाल,
ग्यारस की बेला आ ही गई।।
देख छवि सब मन हर्षाए,
फूले नहीं समाए,
पंचामृत का भोग लगाए,
मंगल गीत सुनाए,
प्रभु की माया है अपरंपार,
ग्यारस की बेला आ ही गई,
देखों डोल में सजे है नंदलाल,
ग्यारस की बेला आ ही गई।।
प्रभु चरणों में शीश झुकाए,
लेकर मन में प्यार,
हम तो तेरे भक्त है कान्हा,
कर दो बेड़ा पार,
रखना लाज हमारी पालनहार,
ग्यारस की बेला आ ही गई,
देखों डोल में सजे है नंदलाल,
ग्यारस की बेला आ ही गई।।
देखो डोल में सजे है नंदलाल,
ग्यारस की बेला आ ही गई,
देखों डोल में सजे है नंदलाल,
दर्शन की बेला आ ही गई।।
🎤 गायक / Singer – Shekhar Mourya
✍️ लेखक / Lyrics – Shekhar Mourya
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