आ जाओ मेरे साँवरे मंदिर को छोड़कर भजन लिरिक्स

आ जाओ मेरे साँवरे,
मंदिर को छोड़कर,
कब से बुला रहा हूँ,
घर बार छोड़कर,
आ जाओ मेरे सांवरे,
मंदिर को छोड़कर।।

तर्ज – मिलती है जिंदगी में।



कहते है तेरे पास है,

रहमत का खजाना,
थोड़ा सा उठा के,
झोली में डाल दे,
आ जाओ मेरे सांवरे,
मंदिर को छोड़कर।।



हारे का ये सहारा,

मेरा श्याम प्यारा है,
बिगड़ी मेरी बनाएगा,
मेरा श्याम प्यारा है,
आ जाओ मेरे सांवरे,
मंदिर को छोड़कर।।



फूलो में सज रहे है,

मेरे श्याम प्यारे जी,
बिगड़ी मेरी बनाएगा,
मेरा श्याम प्यारा जी,
आ जाओ मेरे सांवरे,
मंदिर को छोड़कर।।



आ जाओ मेरे साँवरे,

मंदिर को छोड़कर,
कब से बुला रहा हूँ,
घर बार छोड़कर,
आ जाओ मेरे सांवरे,
मंदिर को छोड़कर।।

Singer – Joginder Chanchal


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