समय रे साथे होया बापजी बड़ा तो परचा हाथो दिना अपरम्पार

समय रे साथे होया बापजी,
बड़ा तो परचा हाथो दिना,
अपरम्पार हो जी हा,
हे गढ रे उमरकोठ मायने,
दलजी घर हे कन्या तो है,
एक नेतल नाम हो जी हा,
हे रानी बाबा सु करनो ब्याव,
तो नेतलदे पगा सु,
पांगली कहलाय हो जी हा,
हे मात पिता ब्राह्मण भेजीयो,
अजमल घर हे रतन,
नारेल दे आय हो जी हा।।



हे दलजी सोढा घर कुंवरी,

एक तो नेतलदे,
हे कंवरा रामदे मन भायी हो जी हा,
हे सुनीयो मैणादे खुश होवीया,
सोना रो सूरज उगीयो,
आंगन माय हो जी हा,
हे रतना राईका ने भेजीयो,
पुंगलगढ हे बाई रे सुगना,
ने लेतो आय हो जी हा,
हे अबकी पडे तो याद,
कर लिजे रतना,
तू हे आवुला मे लीले असवार हो जी हा।।



हे रतनो तो पुग्यो पुंगल मायने,

पडियारा हे पुच्यो कठासु आय हो जी,
हे रतनो राईको मारो नाम है,
सिरदारा हे नगर रूनीचा,
सु मै आयो हो जी हा,
हे पडियारा रतना पर किनो,
कोप तो भाईडा हे रतना ने,
किदो कैद माय हो जी हा,
हे सुनीयो सुगना बाई री विनती,
बीरोसा झटके तो पुंगलगढ आय हो जी,
हे रतना ने किदो बीरा,
कैद मे पडियारा हे रतना ने,
छुडाय हो जी हा,
हे हेलो तो सुनीयो बाबो रामदेव,
सुगना रो हे हडबुभाई,
आया दोनु साथ हो जी हा।।



हे हो गया लीलोडे असवार,

बाबा रामदेव धणीया रे,
हे गढ रे पुंगल माय आविया रे,
बाबा रामदेव धणीया रे हा,
हो गया लीलोडे असवार,
बाबा रामदेव धणीया रे,
हे गढ रे पुंगल माय आविया रे,
बाबा रामदेव धणीया रे हा।।



हे आया आया पडियारा री,

पोल बाबा रामदेव धणीया रे,
हे आया आया पडियारा री पोल,
बाबा रामदेव धणीया रे,
हे पडियारा ने सबक सिखावीयो रे,
बाबा रामदेव धणीया रे,
हे पडियारा ने सबक सिखावीयो रे,
बाबा रामदेव धणीया रे हा।।



हे पडियारा तो पडिया पगल्या,

माय बाबा रामदेव धणीया रे,
हे पडियारा तो पडिया पगल्या,
माय बाबा रामदेव धणीया रे,
हे बाई रे सुगना ने लारे छोडीया रे,
बाबा रामदेव धणीया रे,
हे बाई रे सुगना ने लारे छोडीया रे,
बाबा रामदेव धणीया रे,
हे हो गया लीलोडे असवार,
बाबा रामदेव धणीया रे,
हे गढ रे पुंगल माय आविया रे,
बाबा रामदेव धणीया रे,
हे रतना ने कैद सु छुडावीया रे,
बाबा रामदेव धणीया रे,
हे सुगना ने रूनीचा मे लावीया रे,
बाबा रामदेव धणीया रे ए हा।।

गायक – चुन्नीलाल जी राजपुरोहित।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें