राधे मुझको तेरा,
बड़ा सहारा है।।
पकड़ो हाथ मेरा,
मैं हूं चाकर तेरा,
पकड़ो हाथ मेरा,
मैं हूं चाकर तेरा,
अब तुम बिन,
कौन हमारा है,
राधें मुझकों तेरा,
बड़ा सहारा है।।
नित सेवा करूं,
तेरो ध्यान धरूं,
नित सेवा करूं,
तेरो ध्यान धरूं,
जो भी आया शरण,
वो उबारा है,
राधें मुझकों तेरा,
बड़ा सहारा है।।
तुम्हें अपना जान पुकारा है,
तुम्हें अपना मान पुकारा है,
राधें मुझकों तेरा,
बड़ा सहारा है।।
राधे मुझको तेरा,
बड़ा सहारा है।।
स्वर – निकुंज कामरा जी।
प्रेषक – ओमप्रकाश पांचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।
9926652202








