शिवजी रम रया रे पहाड़न में गवरा पार्वती के संग लिरिक्स
शिवजी रम रया रे पहाड़न में, गवरा पार्वती के संग। दोहा - शिव समान दाता नहीं, विपत्ति विदारण हार, लज्जा ...
Read moreDetailsशिवजी रम रया रे पहाड़न में, गवरा पार्वती के संग। दोहा - शिव समान दाता नहीं, विपत्ति विदारण हार, लज्जा ...
Read moreDetailsअगड़बम अगड़बम बाजे डमरू, दोहा - आप बिना नहीं आसरो, जग तारन जगदीश, शंकर भोलानाथ ने मैं, चरण निवावू शीश। ...
Read moreDetailsकोरोना वायरस आवियो, हाथ जोड़ ने अरज करूं मैं, हाथ जोड़ ने अरज करूं मैं, सुनलो देशवासियों, सावधानी सु रेवो ...
Read moreDetailsम्हारा कानुड़ा गिरधारी, दोहा - कर्मा बेटी जाट की, थी भोली नादान, भगता की पत राख ली, मीरा के घनश्याम। ...
Read moreDetailsसारे झूमो नाचो गाओ, प्यारी दादी का लाड़ लड़ाओ, हो हो हो सारे झूमो नाचो गाओ, प्यारी दादी का लाड़ ...
Read moreDetailsमेरे श्याम दा दरबार, प्यारा लगता खाटू वाले श्याम दा, दरबार प्यारा लगता।। तर्ज - खाली दिल नइयो। हारो का ...
Read moreDetailsहमेशा प्रेम वाले, सांचे में ढाल के रक्खे, हर दर्द से तुमको निकाल के रखे, सम्भाला उसी ने, गुज़रे सालों ...
Read moreDetailsमोरी पीर हरो, तुम बिन कौन हमारो।। द्रुपद सुता के चीर बढ़ायो, पट के बीच पधारियो, ग्राह से गज के ...
Read moreDetailsआ लौट के आजा मेरे श्याम, तुझे ब्रजवाम बुलाती है, तेरा सूना पड़ा रे ब्रजधाम, तेरा सूना पड़ा रे ब्रजधाम, ...
Read moreDetailsबाबोसा मैं हूँ पतंग, तेरे हाथों में है डोर, कही टूट नही जाये, ये डोर बड़ी कमजोर, बाबोसा मैं हूं ...
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