कैलाश पुरी से चाल के शिव नन्द महर घर आयो लिरिक्स
कैलाश पुरी से चाल के, शिव नन्द महर घर आयो।। राग - पारवा ~ लावणी। शिव भगति मं मगन, दरस ...
Read moreDetailsकैलाश पुरी से चाल के, शिव नन्द महर घर आयो।। राग - पारवा ~ लावणी। शिव भगति मं मगन, दरस ...
Read moreDetailsमन में महादेव जी, ने दिल में पार्वता। दोहा - शिव समान दाता नहीं, विपत्ति विदारण हार, लज्जा म्हारी राखियो, ...
Read moreDetailsशोभाराम जी की जीवनी, दोहा - कठे देवगढ़ कठे द्वारका, कटे भगत भगवान, बळता बागा ने जाय बुझावे, पाछा पहुंचे ...
Read moreDetailsशेर पे सवार होके, आजा शेरावालिये, सोये हुए भाग्य, जगा जा शेरावालिये, शेरावालिये माँ ज्योतावालिये, शेरावालिये माँ लाटावालिये, शेर पे ...
Read moreDetailsउठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहाँ जो सोवत है, जो सोवत है वो खोवत है, जो जागत है ...
Read moreDetailsमैं देखूं जिस ओर प्रभु जी, सामने तेरी सूरतिया, मुख पर तेरा नाम प्रभु जी, दिल में तेरी मूरतिया, सामने ...
Read moreDetailsआरती हो रही है, बाबा जी थारी, मोरछड़ी लहराए।। कौन उतारे बाबा तोरी रे आरती, कुन थारे चँवर ढुलाई, बाबा ...
Read moreDetailsजमड़ा ठोके नराताल, आडो कोई नही आवे रे, कोई नही आवे रे, आडो कोई नही आवे रे।। धन माल की ...
Read moreDetailsपीर जी मिल जावे देऊ ओलबो, हे रामदे मिल जावे देऊ ओलबो, देऊला में हाथोई हाथ म्हारा राम, रामदे मिल ...
Read moreDetailsचढ़ो चढ़ो साडू का कंवरा, दोहा - मां साडू का लाडला, भुना जी का बीर, गाया चराता आविया, खारी नदी ...
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