मुझे क्या चिंता है,
श्याम रखवाला है,
मुझे हर मुश्किल में,
श्याम ने संभाला है,
सांवरे के होते,
ना लाज जाएगी,
मुझ पे ना कोई भी,
आंच आएगी।bd।
तर्ज – मेरा एक सपना है।
दुनिया वालों के,
चेहरे पे चेहरे है,
श्याम ही दिल से,
अपने बस एक मेरे है,
ये जग जंजाल से मुझे,
श्याम ने निकाला है,
मुझे हर मुश्किल में,
श्याम ने संभाला है,
सांवरे के होते,
ना लाज जाएगी,
मुझ पे ना कोई भी,
आंच आएगी।bd।
जब से श्याम के दर पे,
माथा टेका है,
श्याम ने बदली,
मेरे हाथ की रेखा है,
नहीं जो किस्मत में,
वो भी दे डाला है,
मुझे हर मुश्किल में,
श्याम ने संभाला है,
सांवरे के होते,
ना लाज जाएगी,
मुझ पे ना कोई भी,
आंच आएगी।bd।
जब भी मैंने श्याम से,
अर्ज लगाई है,
श्याम मेरी करता,
हर बार सुनाई है,
‘सचिन’ को बाबा ने,
लाड से पाला है,
मुझे हर मुश्किल में,
श्याम ने संभाला है,
सांवरे के होते,
ना लाज जाएगी,
मुझ पे ना कोई भी,
आंच आएगी।bd।
मुझे क्या चिंता है,
श्याम रखवाला है,
मुझे हर मुश्किल में,
श्याम ने संभाला है,
सांवरे के होते,
ना लाज जाएगी,
मुझ पे ना कोई भी,
आंच आएगी।bd।
Singer – Varsha Garg
Lyrics – Sachin Tulsiyan








