मारी गाड़ी मारा घोड़ा,
मारा रुपया लाख करोड़ा,
सब थारो साँवरा सेठ,
मारो तो कई कोने,
सब थारो है सरकार,
मारो तो मुई कोने।।
मारी छोरी मारा छोरा,
याने दुखी राख या होरा,
सब थारा सावल सेठ,
मारो तो कई कोने,
सब थारो है सरकार,
मारो तो मुई कोने।।
मारो सोनो मारी चांदी,
जो चेना गला मे बांदी,
सब थारो सांवरा सेठ,
मारो तो कई कोने,
सब थारो है सरकार,
मारो तो मुई कोने।।
मारो घर ओर खेती बाड़ी,
अब ला छोरा के लाडी,
सब थारे भरोसे सेठ,
मारो तो कई कोने,
सब थारो है सरकार,
मारो तो मुई कोने।।
थे सारा जुग का पालक,
थे मारा घर का मालक,
थे घर घाडी ने चलावो,
मारो तो कई कोने,
सब थारो है सरकार,
मारो तो मुई कोने।।
नही काम अटकनो छावे,
जो छावे जो मिल जावे,
छाता की रोट्या छावे,
ओर को कई कोने,
सब थारो है सरकार,
मारो तो मुई कोने।।
दुर्गेस भजन मे गावे,
सब हिल मिल रैना छावे,
सावरियों पार लगावे,
सावरो युई कोने,
सब थारो है सरकार,
मारो तो मुई कोने।।
मारी गाड़ी मारा घोड़ा,
मारा रुपया लाख करोड़ा,
सब थारो साँवरा सेठ,
मारो तो कई कोने,
सब थारो है सरकार,
मारो तो मुई कोने।।
गायक – गोकुल शर्मा, दुर्गेश राव।
प्रेषक – शंभू कुमावत दौलतपुरा।
9981101560








