छोड़ दुनियादारी,
चल खाटू चलते है,
जहां मेरे श्याम बाबा,
किस्मत बदलते है।।
वहां जाने वाले,
सदा मौज में रहते,
उनके दर के टुकड़ों पर,
खुशनसीब पलते है,
जहां मेरे श्याम बाबा,
किस्मत बदलते है।bd।
सुख में सभी अपने,
दुख में अकेला था,
एक है सगा वो ही,
बाकी सारे छलते है,
जहां मेरे श्याम बाबा,
किस्मत बदलते है।।
उसकी अदालत तो,
अद्भुत अनोखी है,
होते दुख दूर वहां,
सारे संकट टलते है,
जहां मेरे श्याम बाबा,
किस्मत बदलते है।bd।
उनकी शरण जाकर,
सारे गम भूल गया,
खुशियां मनाता हूं,
जलने वाले जलते है,
जहां मेरे श्याम बाबा,
किस्मत बदलते है।।
कहे ‘पंकज’ सोई किस्मत,
वहां जग जाती है,
उनके इशारे पर,
खोटे सिक्के चलते है,
जहां मेरे श्याम बाबा,
किस्मत बदलते है।bd।
छोड़ दुनियादारी,
चल खाटू चलते है,
जहां मेरे श्याम बाबा,
किस्मत बदलते है।।
Singer & Music – Pramod Tripathi Ji
Lyrics – Pankaj Nigam Ji








