कभी धूप तो कभी छाव प्रदीप भजन लिरिक्स
सुख दुख दोनो रहते जिसमे, जीवन है वो गाँव, कभी धूप कभी छाव, कभी धूप तो कभी छाव, उपर वाला ...
Read moreDetailsसुख दुख दोनो रहते जिसमे, जीवन है वो गाँव, कभी धूप कभी छाव, कभी धूप तो कभी छाव, उपर वाला ...
Read moreDetailsमुखड़ा देख ले प्राणी, जरा दर्पण में हो, देख ले कितना पुण्य है कितना, पाप तेरे जीवन में, देख ले ...
Read moreDetailsटूट गयी है माला, मोती बिखर चले, दो दिन रह कर साथ, जाने किधर चले।। मिलन की दुनिया छोड़ चले ...
Read moreDetailsकोई लाख करे चतुरायी, करम का लेख मिटे ना रे भाई, जरा समझो इसकी सच्चाई रे, करम का लेख मिटे ...
Read moreDetailsपिंजरे के पंछी रे, तेरा दर्द ना जाणे कोए, तेरा दर्द ना जाणे कोए, बाहर से तो खामोश रहे तू, भीतर भीतर ...
Read moreDetailsमाटी के पुतले तुझे कितना गुमान है, तेरी औकात क्या, तेरी औकात क्या, तेरी क्या शान है, माटी के पुतले ...
Read moreDetailsहोली खेल रहे नन्दलाल, गोकुल की कुञ्ज गलिन में।। मेरे घर मारी पिचकारी, मेरी भीगी रेशम साड़ी, मेरे घर मारी ...
Read moreDetailsआज सजाया दरबार, बालाजी आओ कीर्तन में, राम के आज्ञाकार, बालाजी आओ कीर्तन में।। ज्योत जगाये तुम्हे मनाये, सवा मणि ...
Read moreDetailsतुम्हे आज मोहन आना पड़ेगा, तर्ज - जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा, तुम्हे आज मोहन आना पड़ेगा, बहुत हो ...
Read moreDetailsतुझे हम ढूंढ रहे है कहाँ हो मुरली वाले, तर्ज - थोड़ा सा प्यार हुआ है, तुझे हम ढूंढ रहे ...
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