मैं गर्व से कहता हूँ,
मेरा श्याम सालोना है,
इनके ही लिए दिल में,
भावों को सजोना है,
मैं गर्व से कहता हूं,
मेरा श्याम सालोना है।।
तर्ज – होठों से छू लो तुम।
भावों का भूखा है,
कुछ और ना भाता है,
प्रेमी के आंसू से,
ये प्यास बुझाता है,
नखरे इसके न्यारे,
बड़ा नाजुक छोना है,
मैं गर्व से कहता हूं,
मेरा श्याम सालोना है।।
जब श्याम हसाता है,
मैं खुल के हस पाता,
भावो में रुलाता है,
रोने का मजा आता,
मेरा दिल इस दिलबर के,
हाथो का खिलौना है,
मैं गर्व से कहता हूं,
मेरा श्याम सालोना है।।
इसको खुश रखने की,
मैं कोशिश करता हूं,
ये रूठ ना जाए कही,
इस बात से डरता हूं,
‘बिन्नु’ ये ध्यान रहे,
इनको नहीं खोना है,
मैं गर्व से कहता हूं,
मेरा श्याम सालोना है।।
मैं गर्व से कहता हूँ,
मेरा श्याम सालोना है,
इनके ही लिए दिल में,
भावों को सजोना है,
मैं गर्व से कहता हूं,
मेरा श्याम सालोना है।।
गायक – संजय मित्तल जी।








