डगमग डोले जीवन नैया बीच फँसी मझधार भजन लिरिक्स

डगमग डोले जीवन नैया,
बीच फँसी मझधार,
पार लगा दे खाटू वाले,
थाम के तू पतवार,
जिसके साथ खड़ा तू रहता,
होती ना उसकी हार,
इस विश्वास की जीत का मुझको,
दे दे तू उपहार,
भरोसा एक तेरा है,
सहारा एक तेरा है।।

तर्ज – उड़ जा काले कावा।



जिसका हाथ पकड़ लेता तू,

उसको कभी ना छोड़े,
है मालूम तू कभी किसी की,
उम्मीदें ना तोड़े,
यही तुम्हारी चाहत बाबा,
बन गयी सबकी इबादत,
अपनी कृपा की रोज़ लिखी है,
तुमने नई इबारत,
भरोसा एक तेरा है,
सहारा एक तेरा है।।



ग़म के मारों का है ठिकाना,

सिर्फ तेरा ये द्वारा,
तेरे धाम की बहती है बाबा,
प्रेम की अमृत धारा,
देख नहीं सकता तू सांवरिया,
कभी भी आँखें रोती,
रोती आँखों में खुशियों के,
भर देता तू मोती,
भरोसा एक तेरा है,
सहारा एक तेरा है।।



मैं भी सुनके चर्चा तुम्हारी,

आया तेरे द्वारे,
धुंधले इस जीवन के कर दो,
तुम रंगीन नज़ारे,
डोर सौंप दी हाथ में तेरे,
अब तुम इसे सम्भालो,
‘कुंदन अकेला’ को सांवरिया,
अपने गले लगा लो,
भरोसा एक तेरा है,
सहारा एक तेरा है।।



डगमग डोले जीवन नैया,

बीच फँसी मझधार,
पार लगा दे खाटू वाले,
थाम के तू पतवार,
जिसके साथ खड़ा तू रहता,
होती ना उसकी हार,
इस विश्वास की जीत का मुझको,
दे दे तू उपहार,
भरोसा एक तेरा है,
सहारा एक तेरा है।।

Singer – Chandni Lahoty


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