चालो सैया सतगुरु के दरबार
चालो सैया सतगुरु के दरबार, बाल बाल में मोती पोले, सजले सोलह सिणगार।। मान सरोवर दिल विच भारिया, गल गो...
Read moreDetailsचालो सैया सतगुरु के दरबार, बाल बाल में मोती पोले, सजले सोलह सिणगार।। मान सरोवर दिल विच भारिया, गल गो...
Read moreDetailsहो जी श्याम कित गयो नेह लगाय, नेह लगाय म्हारो मन हर लिनो, मधुरी सी तान सुनाई सांवरिया, कित गयों...
Read moreDetailsशोभा न्यारी जी, बाग की महिमा न्यारी जी, सतगुरु भलो लगायो बाग, बाग की शोभा न्यारी जी।। ई बाग में...
Read moreDetailsसाधु भाई नगे करो वा घर की, आदु वास अंत नहीं वहां का, काया होवे बज्र की।। ना कोई नीव...
Read moreDetailsझूठ बराबर पाप नहीं, सांच बराबर तप कोन्या, राम नाम के नाम बराबर, और दूसरा तप कोन्या।। सप्तऋषि सा ऋषि...
Read moreDetailsउधव कर्मन की गति न्यारी, कैसे लिखूं रे मुरारी, उधव कर्मण की गत न्यारी।। नागर बेल फ़ूल बिना तरसै, तूम्बा...
Read moreDetailsथे माके घरे आवो साँवरा, माखन मिश्री खावा ने, माखन मिश्री खावाने वो, दूध पतासा पीवा ने, मान मान मंडफिया...
Read moreDetailsम्हारी फूटी र किस्मत के लगा दे, दोहा - अर्जी ले कर आवियों, मारा ठाकुर मंडपिया ठेठ, थारी शरणा मायने,...
Read moreDetailsहे कलिया नाडी री तिर, भभुता सिध्द विराजे जी, नखत बन्ना विराजे, गढ चारणवाली धाम पे, म्हारी घणी घणी खम्मा,...
Read moreDetailsआजा आजा रे बजरंगी हनुमान, दोहा - तिहूं लोक मे बाबा तूने, भक्ति का दीप जलाया, रोम रोम में बाबा...
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