हरिनाम सुमर सुखकारण रे भजन लिरिक्स
हरिनाम सुमर सुखकारण रे, सुखकारण रे, भवतारण रे, हरिनाम सुमर सुखकारण रें।। सोवत जागत फिरत निरंतर, सोवत जागत फिरत निरंतर,...
Read moreDetailsहरिनाम सुमर सुखकारण रे, सुखकारण रे, भवतारण रे, हरिनाम सुमर सुखकारण रें।। सोवत जागत फिरत निरंतर, सोवत जागत फिरत निरंतर,...
Read moreDetailsक्यों पानी में मल मल नहाये, मन की मैल उतार, मन की मैल उतार, क्या पानी में मल मल नहावें,...
Read moreDetailsनबजिया वैद क्या जाणे, हमें दिल कि बीमारी है।। कभी कफ रोग बतलाये, कभी तासीर गरमी की, जिगर का हाल...
Read moreDetailsमुझे है काम ईश्वर से, जगत रूठे तो रूठन दे।। कुटुम्ब परिवार सुत दारा, माल धन लाज लोकन की, हरि...
Read moreDetailsसंदेसा आ गया यम का, चलन की कर तैयारी है।। बाल सिर के हुए धोले, सफेदी आँख पर छाई, कान...
Read moreDetailsसदाशिव सर्व वरदाता, दिगम्बर हो तो ऐसा हो, हरे सब दुःख भक्तों के, दयाकर हो तो ऐसा हो, सदाशिंव सर्व...
Read moreDetailsजिसको नही है बोध तो, गुरु ज्ञान क्या करे, निज रूप को जाना नहीं, पुराण क्या करे।। घट घट में...
Read moreDetailsप्रेम नगर मत जा ए मुसाफिर, दोहा - प्रेम बिना पावे नहीं, चाहे हुनर करो हज़ार, कहे प्रीतम प्रेम बिना,...
Read moreDetailsलगाले प्रेम ईश्वर से, अगर तू मोक्ष चाहता है।। रचा उसने जगत सारा, करे वो पालना सब की, करे वो...
Read moreDetailsगुरु चरण कमल बलिहारी रे, मेरे मन की दुविधा टारि रे, गुरु चरण कमल बलिहारी रे।। भव सागर में नीर...
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