एक छोटो सो नियम बनाओ जी,
नित बारस ने श्याम की,
घर में ज्योत जगाओ जी।।
तर्ज – ढोला ढोल मंजीरा बाजे रे।
सुबह-सुबह थे नहाय धोय कै,
सांवरियै नै ध्याओ,
देशी गाय को घी घाल कै,
श्याम की ज्योत जगाओ,
थारै टाबर नै भी सिखाओ जी,
नित बारस नै श्याम की,
घर में ज्योत जगाओ जी।।
खीर-चूरमो निज हाथां सै,
श्याम नै भोग लगाओ,
जिम-जूठ ले जद सांवरियो,
मीठा भजन सुनाओ,
ऐं की जय जयकार लगाओ जी,
नित बारस नै श्याम की,
घर में ज्योत जगाओ जी।।
नित नियम सै जो भी घर में,
श्याम की ज्योत जगावै,
‘सिरदारा’ वी घर में फिर,
बाबै को वास हो जावे,
मन में सांचो भाव जगाओ जी,
नित बारस नै श्याम की,
घर में ज्योत जगाओ जी।।
एक छोटो सो नियम बनाओ जी,
नित बारस ने श्याम की,
घर में ज्योत जगाओ जी।।
Singer & Lyrics – Rahul Sharma “Sirdara”
8409130034








